खैरागढ़ : धान खरीदी सीजन के दौरान सेवा सहकारी समिति झुरानंदी में धान जाम की गंभीर स्थिति बन गई है। समिति द्वारा अब तक कुल 63,226 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, लेकिन शासन द्वारा तय व्यवस्था के अनुसार समयबद्ध उठाव नहीं होने के कारण अब तक केवल 13,570 क्विंटल धान का ही उठाव हो पाया है। इसके चलते 49,656 क्विंटल धान समिति परिसर में जाम हो गया है। नियमों के अनुसार खरीदे गए धान को समय-सीमा के भीतर उठाव एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि न तो धान खराब हो और न ही किसानों को अनावश्यक परेशानी हो। लेकिन उठाव की धीमी गति के कारण समिति की भंडारण क्षमता से 5 से 6 गुना अधिक धान जमा हो चुका है, जिससे व्यवस्था चरमरा गई है।
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समिति में कुल 1,595 किसान पंजीकृत हैं। धान जाम की स्थिति के चलते धान बेचने आने वाले किसानों को समिति परिसर में जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूरन किसानों को अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन समिति के बाहर सड़क किनारे खड़े करने पड़ रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं मौसम में बदलाव के कारण खुले में रखे धान के खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
किसानों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत यदि धान का नियमित और तेज उठाव किया जाता, तो यह स्थिति उत्पन्ननहीं होती। वहीं समिति प्रबंधन का भी कहना है कि वे लगातार संबंधित विभाग और एजेंसियों को सूचना देकर अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था एवं शीघ्र उठाव की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है। धान जाम की इस स्थिति से न केवल समिति की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों की मेहनत की फसल भी जोखिम में है। अब जरूरत इस बात की है कि नियमों के अनुरूप उठाव प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि धान जाम की समस्या का समाधान हो सके और किसानों को समय पर राहत मिल सके।

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