खनिज न्यास शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई सम्पन्न, विकास कार्यों का किया गया समीक्षा, नए योजनाओं पर भी किया चर्चा

खनिज न्यास शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक हुई सम्पन्न, विकास कार्यों का किया गया समीक्षा, नए योजनाओं पर भी किया चर्चा

एमसीबी : जिला खनिज न्यास संस्थान की अतिरिक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप देने और खनन प्रभावित क्षेत्रों के सतत एवं समग्र विकास को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डी. राहुल वेंकट द्वारा की गई। जिले के विकास से जुड़े अनेक अहम बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा के कारण यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और जनहित के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक सिद्ध हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, चिरमिरी नगर निगम के महापौर श्री रामनरेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव तथा नई लेदरी नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सिंह राणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शासी परिषद के सदस्य, विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी और खनिज विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने बैठक के महत्व को और अधिक बढ़ाया।

बैठक में जिला खनिज न्यास संस्थान की अब तक की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। पूर्व में स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण और अपूर्ण कार्यों की स्थिति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, क्षेत्रीय आवश्यकताओं, चुनौतियों और भविष्य की कार्य योजनाओं पर समग्र मूल्यांकन किया गया। परिषद ने स्पष्ट रूप से यह माना कि खनन से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग ही खनिज संपदा का भार और उसके दुष्प्रभाव सबसे अधिक वहन करते हैं, इसलिए विकास योजनाओं का पहला अधिकार इन्हीं क्षेत्रों और यहां के लोगों का होना चाहिए। इसी भावना के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, सड़क, बिजली, स्वच्छता, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि योजनाएं केवल कागजों में सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक पहुंचे।

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश बैठक का प्रमुख बिंदु रहे। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया कि जहां पर्याप्त जलस्रोत उपलब्ध हों, वहीं वैज्ञानिक ढंग से खनन कार्य की योजना बनाई जाए ताकि पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे और स्थानीय नागरिकों की पेयजल आवश्यकताओं पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। चिरमिरी क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने, अमृत जल मिशन को गति देने, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन, टंकियों और पंपों के रखरखाव को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। शिक्षा विभाग से संबंधित चर्चा के दौरान पुराने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत, नए कक्षों का निर्माण, शौचालय, पुस्तकालय, खेल परिसरों और स्मार्ट क्लासों की सुविधा विकसित करने पर बल दिया गया, ताकि खनन प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, पोषण कार्यक्रमों के बेहतर संचालन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर भी गंभीरता से विचार किया गया।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

बैठक में सड़क और पुल निर्माण को भी अत्यंत महत्वपूर्ण विषय के रूप में रखा गया। दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में कमजोर सड़क संपर्क के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच बाधित होती है, इसलिए चुटकीपानी क्षेत्र में पुल निर्माण, पिपरिया हाई स्कूल से कुडाकू बस्ती तक सड़क निर्माण तथा आंतरिक ग्रामीण सड़कों के उन्नयन संबंधी कार्यों पर सकारात्मक चर्चा की गई। परिवहन और रेल संपर्क के क्षेत्र में मनेंद्रगढ़ रेलवे बाईपास मार्ग तथा चिरमिरी-नागपुर रेलवे लाइन से संबंधित प्रस्तावों को भी प्राथमिकता के साथ उठाया गया ताकि औद्योगिक विकास के साथ-साथ आम नागरिकों के आवागमन में भी सुगमता आए।

शहरी निकायों से संबंधित विषयों पर भी विस्तारपूर्वक विमर्श किया गया। चिरमिरी नगर निगम, मनेंद्रगढ़ नगर पालिका और विभिन्न नगर पंचायतों में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक स्वरूप देने, फायर ब्रिगेड सेवाओं को उन्नत उपकरणों से लैस करने तथा अत्यधिक पुराने वाहनों को कंडम घोषित कर इनके स्थान पर नए वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों की स्थापना, पुलिस विभाग के भवनों एवं संसाधनों को सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति के लिए विचाराधीन रखा गया। नई लेदरी में पशु औषधालय के पास पुस्तकालय निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए इसे युवाओं और छात्रों के लिए ज्ञान-स्रोत और अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही गई।

बैठक में पूर्व में स्वीकृत कार्यों की नियमित ऑडिट व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने पर सहमति बनी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने स्पष्ट किया कि कोई भी कार्य केवल औपचारिकता न बनकर रह जाए, बल्कि उसकी गुणवत्ता, उपयोगिता और दीर्घकालिक प्रभाव पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्धता, गुणवत्ता नियंत्रण, सामाजिक भागीदारी और जन अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के सख्त निर्देश दिए। कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि खनिज संपदा प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और इससे मिलने वाले संसाधनों का सर्वप्रथम लाभ उन लोगों तक पहुँचना चाहिए जो खनन गतिविधियों से सर्वाधिक प्रभावित हैं। उन्होंने खनन प्रभावित युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वयं-रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण और आधुनिक आजीविका के अवसर बढ़ाने पर बल दिया।

बैठक के दौरान लंबी चर्चा, गंभीर विचार-विमर्श, विभागीय प्रस्तुतियों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर जिला खनिज न्यास संस्थान की अतिरिक्त कार्ययोजना को सिद्धांतः स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक के समापन अवसर पर यह विश्वास व्यक्त किया गया कि प्रस्तावित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होगी, खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में ठोस सुधार आएगा तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क, आजीविका और बुनियादी नागरिक सुविधाएं और अधिक सुलभ बनेंगी। बैठक सकारात्मक ऊर्जा, जनसेवा की प्रतिबद्धता और विकास के प्रति मजबूत संकल्प के साथ संपन्न हुई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में डीएमएफ सदस्य दुर्गेश पाण्डेय, सुरेश श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, संत कुमार, नरेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, प्रेम नारायण सिंह और रामाशंकर सिंह सहित समस्त जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह, वनमंडल अधिकारी मनीष कश्यप, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, जनपद सीईओ सुश्री वैशाली सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिन्होंने बैठक की कार्यवाही को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments