बेटे पे नरम भूपेश चूहों पे गरम

बेटे पे नरम भूपेश चूहों पे गरम

 रायपुर : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तंज किया चुंहो के कुकृत्यों की निंदा की पर बेटे के कृत्यों की कभी चर्चा भी नहीं करतें ।उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है कि बीते कुछ दिनों से छत्तीसगढ़ ‘चूहों’ के कारण राष्ट्रीय पटल पर चर्चा में है। ये ‘चूहे’ बेहद भूखे हैं। ये इतने भूखे हैं कि छत्तीसगढ़ को ‘कुतर’ रहे हैं।

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भूपेश बघेल ने कहा है कि भूखे ‘चूहे’ कहां से आए हैं? क्या ये नागपुर के ‘चूहे’ हैं या फिर ‘गुजरात’ से आए हैं? क्योंकि हमारा छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। हमारे ‘चूहे’ तो इतने भूखे नहीं हैं। ये भूखे ‘चूहे’ कवर्धा, महासमुंद, जशपुर सहित कई जगहों के अब तक 30 करोड़ का धान खा गए हैं। इन ‘चूहों’ को संरक्षण कौन दे रहा है? क्या ये वही ‘चूहे’ हैं, जो हमारे जल-जंगल-जमीन को खा रहे हैं? क्या ये वही ‘चूहे’ हैं, जो हसदेव और तमनार को उजाड़ रहे हैं? क्या ये वही ‘चूहे’ हैं, जिनकी नजर अब ‘बस्तर’ पर है?

बघेल ने आगे कहा है कि, भाजपा के राज में इन ‘चूहों’ को आगे बढ़ाने वाले ‘मूषक राज’ को क्या आप जानते हैं? छत्तीसगढ़ को कुतर-कुतर कर खोखला करने की शुरुआत इन ‘चूहों’ ने की है। अगर समय रहते इन्हें पिंजड़ों में बंद नहीं किया गया तो ये ‘चूहे’ हमारे छत्तीसगढ़ को खोखला कर देंगे। इन ‘चूहों’ का क्या करना है… हमें ही तय करना होगा।

 







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