15 जनवरी से दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का होगा शुभारंभ

15 जनवरी से दो दिवसीय राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का होगा शुभारंभ

आरंग :  छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर त्याग, सत्य और धर्म की प्राचीन विरासत आज एक नए कलेवर में जीवंत हो उठी है। आरंग की ऐतिहासिक भूमि पर आज 15 जनवरी से राजा मोरध्वज आरंग महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो रहा है। इस आयोजन को प्रदेश के मानचित्र पर एक 'सांस्कृतिक मील के पत्थर' के रूप में स्थापित करने का श्रेय क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को जाता है, जिनके विजन और कुशल नेतृत्व ने इस महोत्सव को ऐतिहासिक रूप दे दिया है।इस महोत्सव के संयोजक के रूप में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि विकास केवल भौतिक संरचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों और पूर्वजों के गौरव को सहेजना भी शासन की प्राथमिकता है। गुरु खुशवंत साहेब जी का मानना है कि राजा मोरध्वज की गाथा केवल अतीत का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए चरित्र निर्माण का एक जीवंत अध्याय है।आयोजन की सूक्ष्म योजना से लेकर भव्य शोभायात्रा और डॉ. कुमार विश्वास जैसे राष्ट्रीय सितारों के चयन तक, हर कदम पर मंत्री जी की दूरगामी सोच स्पष्ट दिखाई देती है। उनके नेतृत्व में आरंग विधानसभा की धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समरसता को पूरी दुनिया के सामने लाने का यह सफल प्रयास है।

आरंग की धरा: जहाँ इतिहास आज भी सजीव रुप में है
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने आरंग की उस गौरवशाली पहचान को पुनः परिभाषित किया है जिसमें शामिल हैं:
मांडदेवल प्राचीन जैन मंदिर: जो हमारी प्राचीन शिल्पकला और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक है। बाबा बागेश्वरनाथ धाम: अटूट शिव भक्ति और जन-आस्था का केंद्र।

भंडारपूरी धाम: परम पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की कर्मस्थली, जहाँ से सत्य और समानता का संदेश फैला।
माता कौशल्या और लोरिक नगर रीवा: मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की ननिहाल और प्राचीन नगरीय सभ्यता का संगम।
दो दिवसीय भव्य आयोजन की रूपरेखा गुरु खुशवंत साहेब जी के निर्देशानुसार कार्यक्रम को अत्यंत सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाया गया है:

15 जनवरी (प्रथम दिवस): चंडी मंदिर से भव्य शोभायात्रा, बाबा बागेश्वरनाथ का जलाभिषेक, इतिहासकारों का व्याख्यान और रात्रि में प्रसिद्ध लोक गायक सुनील सोनी की सांस्कृतिक प्रस्तुति।16 जनवरी (द्वितीय दिवस): गायत्री यज्ञ-हवन, स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियाँ और महोत्सव का मुख्य आकर्षण— प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास का भव्य काव्य पाठ।मंत्री जी का संदेश: "आरंग की गौरवगाथा अब बनेगी वैश्विक पहचान" महोत्सव की पूर्व संध्या पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि आरंग के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव है। सर्व समाज की सहभागिता ने इसे सही मायनों में "छत्तीसगढ़ की आत्मा का गौरवपूर्ण उद्घोष" बना दिया है। आरंग के इंडोर स्टेडियम परिसर में आयोजित होने वाले दो दिवसीय राजा मोरजध्वज महोत्सव का शुभारंभ आज से आरंग में हो रहा है। त्याग, सत्य और धर्म की अमर परंपरा को समर्पित इस ऐतिहासिक आयोजन की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। महोत्सव का आयोजन संयोजक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है,जिनके नेतृत्व में कार्यक्रम को भव्य, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय स्वरूप प्रदान किया गया है।इस दो दिवसीय महोत्सव में प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, संस्कृति और समाज के अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।मुख्य अतिथि के रूप में विष्णु देव साय जी, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शामिल होंगे, जबकि अध्यक्षता डॉ. रमन सिंह जी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा करेंगे।

अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में अरुण साव जी, उप मुख्यमंत्री एवं विजय शर्मा जी, उप मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री – ओ.पी. चौधरी, राम विचार नेताम, दयाल दास बघेल, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, राजेश अग्रवाल, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, बृजमोहन अग्रवाल (सांसद), ध्रुवकुमार मिर्धा (अध्यक्ष, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड), नवीन अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला पंचायत रायपुर), श्रीमती टाकेश्वरी मुरली साहू (अध्यक्ष, जनपद पंचायत आरंग) तथा डॉ. संदीप जैन (अध्यक्ष, नगरपालिका परिषद आरंग) मंचासीन रहेंगे।प्रथम दिवस : 15 जनवरी को महोत्सव के पहले दिन प्रातः रेत कलाकार हेमचंद साहू द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आकर्षक रेत कलाकृति का निर्माण किया जाएगा।

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इसके पश्चात बाबा बागेश्वरनाथ एवं वेद माता गायत्री की भव्य शोभायात्रा चंडी मंदिर से प्रारंभ होकर नेताजी चौक, महामाया मंदिर से जलाभिषेक उपरांत मोरजध्वज की परिक्रमा करते हुए इंडोर स्टेडियम पहुंचेगी।बाबा बागेश्वरनाथ की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ होगा।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में शाम 5 बजे सुवा नृत्य पार्टी कोसमखुटा (टोमन साहू) तथा पंथी पार्टी कुटेशर (सुभाष बंजारे) की प्रस्तुति होगी। शाम 6 बजे से इतिहासकारों एवं शिक्षाविदों का व्याख्यान आयोजित किया जाएगा, जिसमें आनंद राम साहू, प्रो. आर.एन. विश्वकर्मा, जी.एल. रायकवार एवं मुरली मनोहर देवांगन अपने विचार रखेंगे।इसके बाद स्वरांजलि डांस ग्रुप, आरंग की प्रस्तुति, राजा मोरजध्वज की भव्य झांकी (भोथली), समाज प्रमुखों का सम्मान समारोह तथा रात्रि 9 बजे से छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोक गायक सुनील सोनी का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा।

16 जनवरी को दूसरे दिन प्रातः वेद माता गायत्री यज्ञ, हवन एवं पूजन होगा। दोपहर में स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी।शाम को लोरीक-चंदा नृत्य नाट्य (देउर गांव, साजा) की प्रस्तुति तथा राजा मोरजध्वज की झांकी (धमतरी) प्रदर्शित की जाएगी।रात्रिकालीन सत्र में अतिथियों का स्वागत उद्बोधन, राजा मोरजध्वज अलंकरण सम्मान समारोह तथा रात्रि 8 बजे से देश के प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास का भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।महोत्सव समिति ने नगर एवं आसपास के क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं और आरंग की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के साक्षी बनें।







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