गरियाबंद:मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत श्रमिकों को आ रही व्यवहारिक समस्याओं को लेकर बिंद्रानवागढ़ भाजपा मंडल अध्यक्ष ने श्रम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में गरियाबंद जिले के विकासखण्ड गरियाबंद, मैनपुर एवं छुरा जो कि आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं, वहां कार्यरत निर्माण श्रमिकों की कठिनाइयों को प्रमुखता से उठाया गया है।
मंडल अध्यक्ष धनराज विश्वकर्मा ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों ने यह मांग सामने रखी कि शासन की मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के अंतर्गत आवेदन करते समय हितग्राही के स्वयं के नाम पर भूमि का दस्तावेज अनिवार्य किया जा रहा है। जबकि अधिकांश निर्माण श्रमिकों के पास अपने नाम से पट्टा या भूमि नहीं है, जिसके कारण वे इस योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
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ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में यदि हितग्राही के स्वयं के नाम पर भूमि नहीं है, लेकिन माता-पिता के नाम पर भूमि उपलब्ध है और हितग्राही उसी स्थान पर निवास कर रहा है, तो उसे योजना का लाभ दिया जाता है। इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना में भी नियमों में संशोधन कर माता-पिता के नाम पर भूमि होने की स्थिति में, वहां निवासरत निर्माण श्रमिकों को आवास निर्माण के लिए पात्र माना जाए। मंडल अध्यक्ष ने श्रम आयुक्त से मांग की है कि इस नियम में आवश्यक संशोधन कर आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर निर्माण श्रमिकों को योजना का वास्तविक लाभ दिलाया जाए, ताकि वे भी सम्मानपूर्वक आवास का सपना साकार कर सकें।
बिंद्रानवागढ़ भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पीएम विश्वकर्मा के जिला संयोजक धनराज विश्वकर्मा लगातार मजदूर श्रमिकों के उत्थान के लिए कार्य करते हुए आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिले, इसे प्राथमिकता में लेकर लगातार प्रयासरत रहते हैं।

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