नई दिल्ली : यमन एक बार फिर राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। यमन के पीएम सलेम बिन ब्रिक ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री सलेम बिन ब्रिक का इस्तीफा सऊदी समर्थित प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने स्वीकार कर लिया है।
दरअसल, यमन में जारी राजनीतिक और सुरक्षा तनाव के बीच सलेम ने औपचारिक रूप से अपने पद से इस्तीफा सौंपा, जिसे मंजूर कर लिया गया। यही नहीं सलेम के इस्तीफे के बाद नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति भी हो गई। विदेश मंत्री शाय्या मोहसिन जिंदानी को यमन का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है।
जिंदानी करेंगे मंत्रिमंडल का गठन
गुरुवार को राज्य समाचार एजेंसी सबा कके अनुसार, सलेम के इस्तीफे के बाद जिंदानी को अगले मंत्रिमंडल के गठन के लिए नामित किया गया। इस इस्तीफे के पीछे की वजह हाल के महीनों में यमन सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ता तनाव बताया रहा है।
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UAE ने किया था कब्जा
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समर्थित अलगाववादी समूह, दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद ने दिसंबर में दक्षिणी और पूर्वी यमन के कई क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और सऊदी अरब सीमा के निकट तक पहुंच गया। इसे सऊदी अरब अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता था। हालांकि, बाद में सऊदी समर्थित लड़ाकों ने काफी हद तक इन क्षेत्रों से कब्जों को हटवाया।
तनाव के पीछे की वजह
गौरतलब है कि भू-राजनीति से लेकर तेल उत्पादन तक के कई अन्य मुद्दों पर तीखे मतभेद भी दोनों खाड़ी शक्तियों के बीच तनाव का कारण रहे हैं। सऊदी अरब और यूएई ने इससे पहले यमन के गृहयुद्ध में ईरान समर्थित हौथियों से लड़ने वाले गठबंधन में एक साथ काम किया था। इस दौरान बहुत खतरनाक मानवीय संकट उत्पन्न हुआ था।
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