जनपद पंचायत छुरा में उपाध्यक्ष के बाद अब सरपंचों ने लगाया पैसे का लेन-देन का आरोप

जनपद पंचायत छुरा में उपाध्यक्ष के बाद अब सरपंचों ने लगाया पैसे का लेन-देन का आरोप

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद / छुरा : जनपद पंचायत छुरा में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारी के बीच जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते कुछ दिनों से जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी और सीईओ सतीश चंद्रवंशी के बीच जनपद के हिसाब–किताब एवं बिल भुगतान को लेकर आरोप–प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। मामला इतना बढ़ गया कि पहले जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीरा ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपना पक्ष रखा, वहीं अब जनपद पंचायत के सीईओ सतीश चंद्रवंशी को भी मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।सीईओ सतीश चंद्रवंशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके द्वारा सभी कार्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जनपद पंचायत में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं की गई है। उनके अनुसार पंचायतों से लिए जाने वाले तीन हजार रुपये जीएसटी बिल की प्रक्रिया सभी पंचायतों में आवश्यक है और यह निर्णय सरपंच एवं सचिवों की सहमति से लिया गया है। वहीं अतिरिक्त तीन हजार रुपये लिए जाने के आरोप पर सीईओ ने साफ कहा कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

इस दौरान ब्लॉक सचिव संघ के अध्यक्ष चेतन सोनकर एवं ब्लॉक सरपंच संघ के अध्यक्ष पन्ना लाल ध्रुव भी सीईओ के समर्थन में सामने आए। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि जनपद पंचायत सीईओ द्वारा कार्य सही ढंग से किया जा रहा है और उपाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप द्वेषपूर्ण प्रतीत होते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।हालांकि, कुछ सरपंचों ने सीईओ पर दीपावली से पूर्व प्रत्येक पंचायत से तीन हजार रुपये जीएसटी के नाम पर और तीन हजार रुपये अलग से, कुल छह हजार रुपये वसूले जाने का गंभीर आरोप लगाया। सरपंचों का कहना है कि यह राशि सचिवों के माध्यम से सभी 74 पंचायतों से ली गई है।

वहीं उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी ने इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए आरोप गलत या द्वेषपूर्ण हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सभी 74 पंचायतों में सचिवों के माध्यम से छह हजार रुपये लिए गए हैं, तो क्या सरपंच भी द्वेषपूर्ण आरोप लगा रहे हैं? उपाध्यक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की प्रशासनिक जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सही कौन है और गलत कौन। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।एक तरफ जनपद उपाध्यक्ष के द्वारा गड़बड़ी का आरोप लगाया जाता है तो अध्यक्ष के द्वारा सब कुछ ठीक होने का दावा किया जाता है। वहीं सरपंच संघ अध्यक्ष के द्वारा सब कुछ ठीक है कहा जाता है तो उन्हीं के कुछ सरपंच सीईओ के ऊपर पैसे की लेन-देन का आरोप लगाया जाता है जिससे ये तो स्पष्ट होता है कि जनपद पंचायत छुरा में सब कुछ ठीक नहीं है।फिलहाल जनपद पंचायत छुरा में यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस पूरे विवाद की जांच कर कब और क्या निष्कर्ष निकालता है और एक दुसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप की सही स्थिति आने वाले दिनों में ही पता चल पाएगा।










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments