एमसीबी : जिला एमसीबी अंतर्गत संचालित लगभग सभी धान खरीदी केंद्रों में बड़े पैमाने पर पुराने धान की धड़ल्ले से खरीदी किए जाने का मामला लगातार सामने आ रहा है। किसानों और स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद जिला खाद्य अधिकारी के कानों पर अब तक जूं तक नहीं रेंगी है। इससे प्रशासनिक उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, कई धान खरीदी केंद्रों में चालू सीजन के बजाय पिछले वर्षों का संग्रहित धान खुलेआम खपाया जा रहा है। इससे न केवल शासन को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि वास्तविक किसानों के हक पर भी डाका डाला जा रहा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह सब कुछ अधिकारियों की जानकारी में होने के बावजूद जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।
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इसी कड़ी में कठौतिया धान खरीदी केंद्र से भी गंभीर शिकायत सामने आई है। यहां मजदूरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को स्वयं ही बोरी भरने, तौल करने और छल्ली लगाने जैसे कार्य करने पड़ रहे हैं। किसानों ने बताया कि यह काम खरीदी केंद्र प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन अव्यवस्था के चलते उन्हें मजबूरी में यह सब करना पड़ रहा है।पीड़ित किसानों ने फोन के माध्यम से जिला खाद्य अधिकारी श्री शुक्ला से भी इस समस्या की शिकायत की, लेकिन आरोप है कि अधिकारी ने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई का भरोसा दिलाया। किसानों का कहना है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद अधिकारी की ओर से पूरी तरह उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है।
किसानों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि जहां एक ओर शासन किसानों की आय बढ़ाने और पारदर्शी धान खरीदी के दावे कर रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर अव्यवस्था और भ्रष्टाचार हावी है। पुराने धान की खरीदी और मजदूरों की अनुपलब्धता से किसानों को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।अब सवाल यह उठता है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कब तक आंख मूंदे बैठे रहेंगे और कब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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