गरियाबंद :गरियाबंद जिले के 90 धान खरीदी केंद्रों में धान की खरीदी लगातार जारी है। जहां खरीदी केंद्रों में इस समय धान की बंपर आवक हो रही है, लेकिन समय पर धान उठाव नहीं होने के कारण किसानों को खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने का डर सताने लगा है। इसके साथ ही समिति प्रबंधकों व प्रभारियों को भी धान की सूखत और रखरखाव की चिंता होने लगी है। वहीं धान जाम की स्थिति के बावजूद केंद्रों में टोकन कटे पंजीकृत किसानों के धान जैसे–तैसे करके खरीदी की जा रही है।

गौरतलब हो कि गरियाबंद के पीपरछेड़ी कला, परसूली, मदनपुर, बारुला और सुहागपुर खरीदी केंद्रों का मुआयना किया गया तो जो नजारे देखने में सामने आए, वह काफी चौंकाने वाले थे। खरीदी केंद्र चारों तरफ से धान से भरे हुए थे, यहां तक कि खरीदी किए गए धान को रखने तक की व्यवस्था नहीं थे। बावजूद इसके केंद्रों के प्रभारी पंजीकृत किसान जिनके टोकन कटे थे, उन किसानों के धान जगह की व्यवस्था कर खरीदी करते दिखे। केंद्रों में धान का अंबार लगा हुआ है। उठाव को लेकर कछुए की चाल में चल रही प्रशासन की धीमी चाल से खरीदी केंद्र बेहाल है।

बताना लाजिमी होगा कि जिले के लगभग सभी खरीदी केंद्रों में धान से परिसर पूरी तरह भर चुके हैं। केंद्रों में जगह की कमी के चलते नए धान की खरीदी में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे खरीदी केंद्र प्रभारियों की चिंता बढ़ गई है। कई केंद्रों में खुले में धान रखने की नौबत आ गई है, वहीं किसानों को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।खरीदी केंद्र प्रभारियों का कहना है कि यदि जल्द उठाव नहीं हुआ तो खरीदी कार्य पूरी तरह ठप होने की स्थिति बन सकती है। इसके साथ ही उन्हें सूखत और रखरखाव में अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। उन्होंने शासन–प्रशासन से जल्द ही उठाव कार्य में तेजी लाने की मांग की है, जिससे कि धान खरीदी किसी भी तरह से प्रभावित न हो। धान की लगातार आवक और उठाव में देरी ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। वहीं किसान और केंद्र प्रभारी जल्द समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी किशोर चंद्रा ने बताया कि खरीदी केंद्रों से मिलर्स एवं परिवहनकर्ता के द्वारा धान उठाव किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 42 लाख क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके विरुद्ध में 15 लाख क्विंटल धान की उठाव किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में धान के उठाव में गति बढ़ेगी, इसके लिए लगातार दूरभाष के माध्यम से मिलर्स एवं परिवहनकर्ता को निर्देशित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि खरीदी दिवस पर धान खरीदी और उठाव एक साथ होने की वजह से हेमाल खरीदी कार्य में इंगेज होते है, जिसके चलते शाम को उठाव का काम होता है, इस वजह से भी धान उठाव में देरी हो रही है।
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