न दोस्ती, न प्यार और न ही कोई कमिटमेंट...अगर आपका रिश्ता भी इसी उलझन में है, तो मुमकिन है आप Situationship में हों। आज के समय में रिश्तों को समझना और उन्हें एक नाम देना काफी मुश्किल हो गया है। कई बार ऐसा होता है कि हम एक-दूसरे के करीब होते हैं, साथ समय बिताते हैं, बातें शेयर करते हैं, लेकिन रिश्ते को नाम देने से बचते हैं। न यह पूरी तरह डेटिंग होती है और न ही एक ऑफिशियल रिलेशनशिप। Gen Z ने ऐसे कन्फ्यूजिंग रिश्तों को सिचुएशनशिप का नाम दिया है। अगर आपको लगता है कि शायद आप भी ऐसे ही किसी उलझन में हैं, तो इन आसान संकेतों से समझें कि आप सिचुएशनशिप में हैं या नहीं।
कमिटमेंट न होना
सिचुएशनशिप का सबसे बड़ा संकेत है कमिटमेंट का न होना। आप अक्सर सोचते हैं, “हम आगे क्या करेंगे?” और सामने वाले से पूछने पर बातें अक्सर टलती रहती हैं। अगर आपके रिश्ते में हमेशा सवाल हैं और जवाब नहीं, तो समझ लीजिए यह सिचुएशनशिप हो सकती है।
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सिर्फ जरूरत पड़ने पर बात
अगर आपका पार्टनर सिर्फ तभी आपसे कॉन्टेक्ट करता है, जब उसे कुछ काम या कोई मदद चाहिए, तो यह भी एक बड़ा संकेत है। सिचुएशनशिप में रिश्ते की गहराई कम होती है और यह अक्सर जरूरत तक ही सीमित रहती है। वहीं, सच्चे रिश्तों में हम एक-दूसरे की जरूरत बनते हैं और हमेशा टच में रहते हैं।
रिश्ते को पब्लिक न करना
अगर पार्टनर रिश्तों को सोशल मीडिया, दोस्तों या परिवार के सामने नहीं लाता, तो यह सिचुएशनशिप का संकेत हो सकता है। अगर आप दोनों साथ हैं, लेकिन किसी को नहीं दिखाते, तो समझ जाएं रिश्ता अभी भी ऑफिशियल नहीं है।
फ्यूचर प्लानिंग न करना
आप अपने पार्टनर के साथ ट्रिप, शादी या घूमने नहीं जाते या फिर साथ में कोई बड़ा फैसला लेने से बचते हैं, तो यह सच्चा रिश्ता नहीं है। सिचुएशनशिप में पार्टनर्स लंबे प्लान बनाने से बचते हैं और हमेशा मौजूदा समय पर ही ध्यान रहता है। अगर आपके रिश्ते में फ्यूचर प्लानिंग नहीं है, तो यह साफ संकेत है कि रिश्ता अभी तक पक्का नहीं है।
बार-बार मूड बदलना
सिचुएशनशिप में पार्टनर का मूड अक्सर बदलता रहता है। आज बहुत करीब, कल बहुत दूर। कभी प्यार और तारीफें, तो कभी दूरी और चुप्पी। यह उतार-चढ़ाव आपको उलझन और चिंता में डाल सकता है। अगर आपको भी अपने रिश्ते में कुछ ऐसे संकेत नजर आ रहे हैं, तो यह ठीक नहीं हैं।
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इसे समझना क्यों जरूरी है?
रिश्ता चाहे कोई भी हो उसे समझना काफी जरूरी होता है। हालांकि, सिचुएशनशिप गलत नहीं है, लेकिन इसकी वजह से आप हमेशा उलझन में रहते हैं, जिससे आप इमोशनली काफी थक जाते हैं। इसे पहचानना जरूरी है ताकि आप सही फैसला ले सकें, चाहे रिश्ते को आगे बढ़ाना हो या दूरी बनानी हो।
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