गेहूं की फसल में जब बालियां निकल आती हैं, तो अक्सर हमें लगता है कि अब सारा काम पूरा हो गया है। लेकिन कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि असली देखरेख की जरूरत बालियां निकलने के बाद ही होती है। एक्सपर्ट ने बताया कि कैसे आप अपनी गेहूं की पैदावार को इस अंतिम चरण में दोगुना कर सकते हैं।
मुख्य संदेश यह है कि बालियां निकलने के बाद यूरिया का प्रयोग बिल्कुल न करें। इस समय यूरिया डालने से फसल को फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है और आपकी मेहनत बेकार जा सकती है। इसके बजाय, दानों की चमक, मोटाई और पूरी बाली को भरने के लिए आपको फास्फोरस, पोटाश और बोरोन पर ध्यान देना चाहिए। फास्फोरस दानों को मोटा करता है, पोटाश उनमें चमक लाता है (जिससे मंडी में अच्छे दाम मिलते हैं), और बोरोन बाली के ऊपरी हिस्से तक दानों का भराव सुनिश्चित करता है।
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पैदावार बढ़ाने का सबसे सटीक तरीका है NPK 0:52:34 और बोरोन का स्प्रे। इसकी सही मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है: लगभग 7 ग्राम NPK 0:52:34 और 2 ग्राम बोरोन प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें। इससे बाली के आखिरी दाने तक मजबूती आएगी और दानों का वजन बढ़ेगा। ध्यान रहे, डोज ज्यादा न हो, वरना पत्तियों के जलने का डर रहता है।
सिंचाई के मामले में भी सावधानी बरतें। बालियां आने पर खेत में नमी बनाए रखना अनिवार्य है, लेकिन बहुत ज्यादा पानी भरकर न लगाएं, क्योंकि इससे फसल के गिरने का खतरा रहता है। हल्की सिंचाई करें ताकि जड़ों को पर्याप्त नमी मिलती रहे और दाने दूधिया अवस्था से मजबूती की ओर बढ़ सकें। इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपनी मेहनत को सफल बना सकते हैं और गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
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