अक्सर हम यही मानते आए हैं कि हाई ब्लड प्रेशर की मुख्य वजहें हमारा खान-पान, ज्यादा नमक, तनाव या मोटापा हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के ऑकलैंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अपनी नई रिसर्च में एक ऐसा खुलासा किया है जो पुरानी मान्यताओं को बदलने वाला है।उन्होंने दावा किया है कि बीपी बढ़ने के पीछे सिर्फ हमारा लाइफस्टाइल ही नहीं, बल्कि हमारे दिमाग का एक खास हिस्सा भी जिम्मेदार होता है ।
दिमाग का 'लैटरल पैराफेशियल रीजन' है असली मास्टरमाइंड
वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारे दिमाग के निचले हिस्से में 'लैटरल पैराफेशियल रीजन' नाम का एक विशेष भाग होता है।
आम तौर पर यह हिस्सा हमारे शरीर के उन कार्यों को नियंत्रित करता है जो अपने आप होते हैं, जैसे- खाना पचाना, सांस लेना और दिल की धड़कन को संभालना, लेकिन अब यह बात सामने आई है कि इसी हिस्से में मौजूद कुछ नसें ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का काम करती हैं ।
हंसने और खांसने से कैसे बढ़ता है बीपी?
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि हमारी रोजमर्रा की सामान्य हरकतें भी बीपी बढ़ा सकती हैं। जब हम हंसते हैं, एक्सरसाइज करते हैं या जोर से खांसते हैं, तो दिमाग का यह 'लैटरल पैराफेशियल रीजन' सक्रिय हो जाता है। इसके सक्रिय होते ही वे नसें जाग जाती हैं जो खून की नलियों को सिकोड़ने का काम करती हैं।
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जब खून की नलियां सिकुड़ती हैं, तो खून के बहाव के लिए जगह कम हो जाती है, जिससे शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अगर यह प्रक्रिया बार-बार होती है, तो इंसान को हाइपरटेंशन जैसी पुरानी बीमारी घेर सकती है।
सिर्फ नमक और शराब ही नहीं हैं दोषी
अब तक मेडिकल साइंस में यही माना जाता था कि हाई बीपी का मुख्य कारण तनाव, खाने में ज्यादा नमक, मोटापा और शराब का सेवन है, लेकिन नई खोज बताती है कि असल में दिमाग ही वह 'कंट्रोल रूम' है जो दिल की धड़कन और नसों के आकार को सिग्नल भेजकर बीपी को एडजस्ट करता है। इसके अलावा, शरीर में मौजूद कुछ खास प्रोटीन भी दिमाग को जरूरत से ज्यादा एक्टिव कर देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो जाता है।
इलाज की नई उम्मीद
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है। अब जब हमें यह पता चल गया है कि समस्या की जड़ दिमाग की नसों में भी है, तो भविष्य में सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय, इस बीमारी का कोई सरल और सटीक इलाज खोजा जा सकेगा।
डॉक्टर से जानिए इस 'हाई बीपी' का सच
डॉ. विनीत बंगा (निदेशक - न्यूरोलॉजी फोर्टिस हॉस्पिटल, फरीदाबाद) ने बताया कि बिना मोटापे और तनाव के भी आपका BP बढ़ सकता है। इसके पीछे कई ऐसे कारण हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोग अनजान हैं। आइए जानते हैं उन वजहों के बारे में।
फिजिकल एक्टिविटी की कमी
अगर आप दुबले-पतले हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप सुरक्षित हैं। अगर आप दिन भर बैठे रहते हैं और कोई एक्सरसाइज नहीं करते, तो यह चिंता का विषय है। फिजिकल एक्टिविटी न होने से आपकी ब्लड वेसल्स सख्त हो सकती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
नींद का पूरा न होना
नींद का हमारी सेहत से गहरा नाता है। अगर आप रोजाना 6 से 8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो इससे शरीर के हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है। यह हार्मोनल गड़बड़ी धीरे-धीरे आपके BP को बढ़ा सकती है।
जेनेटिक्स कारण
कई बार कारण हमारा लाइफस्टाइल नहीं, बल्कि हमारे जीन्स होते हैं। अगर आपके माता-पिता को हाई BP की समस्या रही है, तो मुमकिन है कि यह समस्या आपको भी हो जाए। इसमें आपका वजन या तनाव का स्तर मायने नहीं रखता, यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ सकता है।
किडनी और हार्मोनल समस्याएं
अगर आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो BP बढ़ सकता है। इसके अलावा, थायराइड या एड्रेनल हार्मोन्स में गड़बड़ी होने पर भी ब्लड प्रेशर अपने आप ऊपर जा सकता है।
चाय-कॉफी और स्मोकिंग की लत
चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन और धूम्रपान भी इसके बड़े कारण हैं। ये चीजें हमारी नसों को सिकोड़ देती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में अचानक उछाल आ सकता है।
कुछ अन्य जरूरी कारण
इन सब के अलावा, दिन भर में बहुत कम पानी पीना, पेनकिलर्स का ज्यादा इस्तेमाल करना और स्क्रीन (मोबाइल/लैपटॉप) के सामने ज्यादा समय बिताना भी आपके बीपी को बढ़ा सकता है। इसलिए, सिर्फ वजन और नमक पर ही नहीं, बल्कि अपने पूरे लाइफस्टाइल पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
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