वैदिक पंचांग के अनुसार, रविवार 01 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। यह दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। इसके बाद भक्ति भाव से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करते हैं। पूर्णिमा तिथि पर सत्यनारायण पूजा का भी विधान है।
ज्योतिषियों की मानें तो माघ पूर्णिमा के दिन रवि पुष्य योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक को अमोघ और अक्षय फल की प्राप्ति होती है। आइए, माघ पूर्णिमा पर बनने वाले शुभ योग के बारे में जानते हैं-
माघ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। माघ पूर्णिमा की शुरुआत 1 फरवरी को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर होगी और 2 फरवरी को सुबह 03 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में सूर्योदय होने के बाद तिथि की गणना की जाती है। इस प्रकार 2 फरवरी को माघ पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय शाम 06 बजकर 02 मिनट पर होगा।
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माघ पूर्णिमा शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो माघ पूर्णिमा पर एक साथ कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इनमें रवि पुष्य योग का संयोग सुबह 07 बजकर 10 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 58 मिनट पर होगा। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग है। इसके साथ ही माघ पूर्णिमा पर प्रीति और आयुष्मान योग का भी संयोग है। इन योग में गंगा स्नान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही घर में सुख, समृद्धि और शांति आएगी।
पूजा विधि
साधक माघ पूर्णिमा के दिन प्रातः काल में उठें। इस समय लक्ष्मी नारायण जी को प्रणाम करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। अब घर की साफ-सफाई करें। नित्य कार्यों से निवृत्त होने के बाद सुविधा होने पर गंगा स्नान करें। असुविधा होने पर गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। अब आचमन कर पीले कपड़े पहनें और सूर्य देव को जल दें।
इसके बाद पंचोपचार कर विधिपूर्वक लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करें। इस समय सत्यनारायण जी की व्रत कथा का पाठ करें। पूजा के अंत में आरती करें। पूर्णिमा तिथि पर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करने सभी संकटों से मुक्ति मिलती है।
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