बुजुर्गों को फिंगर से मिली राहत ..अब चेहरे से होगी राशन कार्डधारियों की पहचान

बुजुर्गों को फिंगर से मिली राहत ..अब चेहरे से होगी राशन कार्डधारियों की पहचान

बिलासपुर : सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत राशन कार्डधारियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब राशन वितरण के दौरान फिंगरप्रिंट की समस्या से छुटकारा मिलेगा, क्योंकि सरकार द्वारा फेस ई-केवाईसी (Face Authentication) की सुविधा शुरू की जा रही है। इससे बुजुर्गों, श्रमिकों और बच्चों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
अब तक फिंगरप्रिंट न मिलने, बायोमेट्रिक अपडेट न होने या तकनीकी कारणों से एक लाख से अधिक हितग्राहियों की ई-केवाईसी अधूरी रह गई थी, जिससे उन्हें राशन लेने में परेशानी हो रही थी। खाद्य विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए चेहरे की पहचान के माध्यम से ई-केवाईसी को लागू करने का निर्णय लिया है।

फिंगरप्रिंट फेल, अब चेहरा बनेगा पहचान
खाद्य विभाग के अनुसार, कई मामलों में बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट साफ नहीं आते, श्रमिकों के हाथ घिस चुके होते हैं और बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होते। ऐसे में अब फेस ई-केवाईसी के जरिए सत्यापन किया जाएगा, जिससे राशन वितरण प्रक्रिया अधिक सरल और तेज होगी।

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एक लाख से ज्यादा हितग्राहियों को होगा फायदा
फेस ई-केवाईसी लागू होने से वे सभी राशन कार्डधारी लाभान्वित होंगे, जिनकी ई-केवाईसी तकनीकी कारणों से अधूरी रह गई थी। इससे पात्र हितग्राहियों का राशन आवंटन रुकने की समस्या खत्म होगी।

ई-केवाईसी नहीं तो राशन नहीं
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि 5 दिसंबर 2025 के बाद यदि किसी कार्ड के सदस्य की ई-केवाईसी पूरी नहीं होती है, तो उस सदस्य के हिस्से का राशन आवंटन रोक दिया जाएगा। हालांकि जिन हितग्राहियों की ई-केवाईसी पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

फेस ई-केवाईसी से आएगी तेजी
फेस ई-केवाईसी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए हैदराबाद की तकनीकी टीम से सहयोग लिया जा रहा है। विभाग का दावा है कि इससे आने वाले समय में ई-केवाईसी की प्रक्रिया में तेजी आएगी और हितग्राहियों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।










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