नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को धमकी दी है। ट्रंप का दावा है कि वो खामेनेई की 37 साल की सत्ता को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। ट्रंप ने कहा कि अब ईरान में नए नेतृत्व का समय आ गया है।ईरान में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 5000 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। तेहरान में मुर्दाघरों के बाहर लाशों का ढेर लग गया है। ईरान के ज्यादातर राज्यों में आगजनी देखने को मिल रही है।
ट्रंप ने शनिवार को कहा, "खामेनेई में अब तक का जो सबसे अच्छा फैसला लिया है, वो 800 से ज्यादा लोगों को फांसी न देने का था।" ट्रंप का कहना है कि ईरान में हिंसा और दमन के बल पर सरकार चल रही है। खामेनेई ने ईरान को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। उनकी वजह से ईरान में हिंसा छिड़ी हुई है।
ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने कहा, "देश चलाने के लिए नेतृत्व का सारा ध्यान देश पर ही होना चाहिए, जैसे अमेरिका का होता है। ये नहीं होना चाहिए कि नियंत्रण हासिल करने के लिए हजारों लोगों को मार दिया जाए। नेतृत्व का अर्थ सम्मान से होता है, न कि डर और मौतों से।"खामेनेई को 'बीमार व्यक्ति' की संज्ञा देते हुए ट्रंप कहते हैं कि उनके नेतृत्व में ईरान नरक से भी बदतर हो गया है। उससे बेकार जगह पूरी दुनिया में कहीं नहीं हैं।
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खामेनेई ने साधा था निशाना
ट्रंप ने खामेनेई के बयान पर पलटवार किया है। खामेनेई ने कहा कि उन्होंने ईरान में साजिशों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने सभी मौतों के लिए ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को अपराधी करार दिया है जो ईरान में विरोध प्रदर्शनों और उस दौरान हुई मौतों, नुकसान, बदनामी के लिए जिम्मेदार हैं।
ईरान में 3 हजार से ज्यादा मौतें
अमेरिका की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से जुड़ी न्यूज एजेंसी HRANA के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान ईरान में कुल 5000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी हैं और 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी समेत अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं।
10 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं लेकिन उनकी सही संख्या अभी सामने नहीं आई है। मृतकों की यह संख्या 1979 में हुई इस्लामिक क्रांति के दौरान मारे गए लोगों से भी ज्यादा है।
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