अवैध सट्टा के मामले मे सरगुजा पुलिस को मिली बड़ी सफलता, फरार मास्टरमाइंड सटोरी दीप सिन्हा पुणे महाराष्ट्र से गिरफ्तार

अवैध सट्टा के मामले मे सरगुजा पुलिस को मिली बड़ी सफलता, फरार मास्टरमाइंड सटोरी दीप सिन्हा पुणे महाराष्ट्र से गिरफ्तार

सरगुजा : सट्टा मामले में सरगुजा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है फरार मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार किया है। 13/मई/24 कों थाना कोतवाली पुलिस पेट्रोलिंग टीम कों दौरान पेट्रोलिंग जरिये मुखबीर सूचना प्राप्त हुई कि तीन सटोरी आयुष सिन्हा उर्फ़ दीप सिन्हा, अमित मिश्रा उम्र पहलू, शुभम केशरी मिलकर अपने सम्पर्क एवं जानपहचान के लोगो कों स्काईएक्सचेज लिंक भेजकर आईपीएल मैच गुजरात टाइटन्स व कोलकता किंग राइडर्स के चीच चल रहे टी-20 मैच में ऑनलाईन सट्टा खेलने व खेलाने का काम कर रहे है।

पुलिस टीम द्वारा सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए रेड कार्यवाही करने पर तीन संदिग्ध व्यक्ति मोबाइल ऑपरेट करते हुए मिले, पुलिस टीम द्वारा तीनो संदिग्ध से पूछताछ करने पर अपना नाम (01) आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा (02) अमित मिश्रा उर्फ़ पहलू (03) शुभम केसरी सभी साकिन सत्तीपारा शिव मंदिर के पास अम्बिकापुर का होना बताये, आरोपी अमित मिश्रा ऊर्फ पहलू से जप्त एप्पल मोबाइल फ़ोन आईफोन-15 से वाटसअप ऐप मे किये गए चैट, फोन पे ऐप में लेन देन संबंधि सट्टा खेलने व खेलाने का साक्ष्य प्राप्त हुआ, आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा से सट्टा खेलने व खेलाने वाले लोगों द्वारा दिया गया एटीएम कार्ड, तथा शुभम केशरी से हार जीत का लेखा जोखा रखने से संबंधित सट्टा खेलने व खेलाने वाले लोगों का पासबुक व चेक बुक तथा मोबाइल जिसमें सट्टा खेलने वाले लोगों का फोन पे एप्लीकेशन डाउनलोड कर पैसे की लेन देन रखने हेतु साक्ष्य पाये जाने से तीनों आरोपियों के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त 19 मोबाइल नग, 03 नग पासबुक, 02 नग चेकबुक, 21 नग एटीएम कार्ड एवं 20100 रुपये नगद व अन्य दस्तावेज बरामद कर मामले मे थाना कोतवाली मे पूर्व मे अपराध क्रमांक 325/24 धारा छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7, 8 का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण मे आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।

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प्रकरण में आरोपीगण द्वारा अन्य लोगों का आधार कार्ड लेकर फर्जी तरीके से बैंक एकाउट खोलवाकर उसका उपयोग सट्टा खेलने व खेलवाने में रकम लेन-देन हेतु उपयोग करना पाये जाने से प्रकरण में धारा 467, 468, 471, 120 (बी), भा.द.वि. एवं 66(सी) 66(डी) आई. टी. एक्ट का अपराध घटित किया जाना पाये जाने से उपरोक्त धारा प्रकरण में जोडी गई। दौरान जांच विवेचना मामले मे पूर्व मे शामिल आरोपी ऋतिक मंदिलवार उर्फ़ बमफोड़, नितिन यादव, अमित कुमार मिश्रा उर्फ़ पहलू एवं ध्रुवील पटेल, मुकेश त्रिपाठी, सत्यम केशरी कों गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा मे भेजा गया था एवं मामले मे अग्रिम विवेचना की जा रही थी, मामले मे आरोपी को उपस्थिति हेतु उद्घोषणा जारी की गई थी इसके पश्चात भी आरोपी लगातार फरार चल रहा था।

मामले कों संज्ञान मे लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर के नेतृत्व मे साइबर सेल पुलिस टीम एवं थाना कोतवाली पुलिस टीम की एक संयुक्त टीम का गठन कर मामले मे शामिल मुख्य मास्टरमाइंड आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ़ दीप सिन्हा का पता तलाश कर पकड़कर मामले मे सख्त कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था, इसी क्रम मे गठित पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा था, नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व मे गठित पुलिस टीम के सतत प्रयास से मामले के आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ़ दीप सिन्हा को पुणे महाराष्ट्र से पकड़कर हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम आयुष सिन्हा उर्फ़ दीप सिन्हा आत्मज स्व. त्रिभुवन प्रसाद सिन्हा उम्र 32 वर्ष साकिन नेहरू वार्ड शिव मंदिर के पास थाना कोतवाली अंबिकापुर जिला सरगुजा का होना बताया, आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपी कों गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है।

सम्पूर्ण कार्यवाही नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व मे थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक मनीष सिंह सक्रिय रहे।










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