किरन्दुल : कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने गुरुवार जिले के प्रमुख लौह खनन क्षेत्र किरंदुल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खनन गतिविधियों की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा खनन से प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य खनन कार्यों को सुरक्षित, पर्यावरण-संवेदनशील एवं क्षेत्रीय विकास के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री ध्रुव ने डिपॉजिट 14, 13 तथा 11 सी-11 बी क्षेत्र का अवलोकन किया। उन्होंने खनन एरिया स्थित क्रशिंग प्लांट, वेस्ट मटेरियल डंपिंग क्षेत्र एवं आयरन ओर लोडिंग प्लांट का निरीक्षण कर एनएमडीसी प्रबंधन से खनन प्रक्रियाओं, सुरक्षा उपायों तथा संचालन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
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कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खनन गतिविधियों का संचालन पर्यावरणीय नियमों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने खनन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम तथा आपात स्थिति से निपटने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाकर जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा पीपीटी के माध्यम से खदानों एवं पट्टों की जानकारी, खनन क्षेत्र व प्रक्रियाओं का संक्षिप्त अवलोकन, सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहल, एनएमडीसी के सीएसआर कार्य, सामाजिक दायित्व के अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्यों तथा प्राप्त पुरस्कार एवं सम्मानों की जानकारी दी गई। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, डीएफओ श्री रंगानाधा रामाकृष्णा वाय सहित एनएमडीसी प्रबंधन, फारेस्ट के अधिकारी मौजूद थे।
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