सरगुजा : युगों से चली आ रही धार्मिक आस्था को कायम रखते हुए स्थानीय सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। सजे धजे परिधानों में स्कूली बच्चों ने विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ज्ञान के देवी मां शारदे की पूजा अर्चना किये। साथ ही ऋतु राज बसंत के आगमन का स्वागत करते हुये बसंतोत्सव मनाया। सांस्कृतिक तथा खेल कूद कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। बसंत पंचमी ज्ञान के देवी मां सरस्वती को समर्पित है।हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि को बसत पंचमी के साथ बसंतोत्सव मनाये जाने की चलन रही है।
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नगर पंचायत लखनपुर सहित आसपास ग्रामीण इलाकों में 23 जनवरी दिन शुक्रवार को बसंतोत्सव धूमधाम से मनाया गया । स्थानीय शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, शा0 नवीन महाविद्यालय शा0 प्राथमिक स्कूलों सहित सभी नीजी शैक्षणिक संस्थान नेहरू बाल मंदिर, एचिवहर गुरुकुल में बसंतोत्सव उमंग के साथ मनाई गई।शैक्षणिक संस्थानों में पूजा अनुष्ठान किये जाने को लेकर स्कूली बच्चों की ख़ासी भीड़ भाड़ देखी गई। गुरूजनो तथा छात्र छात्राओं ने देवी सरस्वती की पूजन आरती कर प्रसाद वितरण किये।
विद्यार्थियों ने अच्छी शिक्षा हासिल करने के लिए देवी हंस वाहिनी से वरदान मांगे। पेंटर ,चित्रकार, मूर्तिकार ,गायन ,नृत्य विधा के कलाकारों ने पूरे आस्था भक्ति के साथ देवी सरस्वती की पूजन हवन कर आशिष प्राप्त किये।सबेरे से स्कूलों में शिक्षको तथा बच्चों की भीड़ लगी रही। दरअसल बसंत पंचमी शिक्षा, सृजनात्मकता के लिए देवी मां सरस्वती को समर्पित है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। बसंत पंचमी से जुड़े और भी धार्मिक पहलुए है ।चूंकि मां सरस्वती ज्ञान की देवी हैं और इनकी कृपा प्राप्त करने के लिए बसंत पंचमी पर्व मनाया जाता है। लिहाजा बसंत पंचमी पूरे उत्साह उमंग के साथ मनाया गया।
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