दुर्ग: जिले के पाटन स्थित पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से रेप के मामले में फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश पाटन दुलार सिंह निर्मलकर ने आरोपी निखिल कुर्रे को 20 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 5000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह घटना तब हुई, जब पीड़िता अपनी सहेली के घर से लौट रही थी। रास्ते में आरोपी निखिल कुर्रे ने उसे रोक लिया। आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने झांसे में लिया और बाइक पर बैठाकर पहले रायपुर के पास अपनी दीदी के घर ले गया। रायपुर में एक दिन रुकने के बाद अगले दिन आरोपी पीड़िता को ट्रेन से नागपुर ले गया। नागपुर में आरोपी ने पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।घटना के बाद पीड़िता के पिता ने थाना उतई में अपनी बेटी के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और पीड़िता को नागपुर से बरामद किया। उतई पुलिस ने मुख्य आरोपी निखिल कुर्रे को गिरफ्तार किया। साथ ही, उसे संरक्षण देने के आरोप में उसके परिजनों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें आरोपी की दीदी विकेश मारकंडे, जीजा दिनेश बघेल और एक दीदी करुणा बघेल शामिल हैं। मामले की सुनवाई पॉक्सो न्यायालय पाटन में हुई। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने सशक्त पैरवी की। न्यायालय ने पीड़िता, उसके परिजनों और अन्य गवाहों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया।
अन्य आरोपियों पर भी लगा जुर्माना
न्यायालय ने मुख्य आरोपी निखिल कुर्रे को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 5000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, आरोपी को संरक्षण देने के दोष में दिनेश बघेल और करुणा बघेल को 15000-15000 रुपए और विकेश मारकंडे को 5000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। पाटन पॉस्को न्यायालय का यह फैसला नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ यौन अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और दोषियों को कठोरतम सजा दी जाएगी।
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