डाकुओं पर सियासी शोर : साधुओं की सुरक्षा को लेकर मंत्री का बयान,दीपक बैज ने किया करारा पलटवार

डाकुओं पर सियासी शोर : साधुओं की सुरक्षा को लेकर मंत्री का बयान,दीपक बैज ने किया करारा पलटवार

रायपुर :  छत्तीसगढ़ में पचरा गीत के लिए चर्चित कथावाचक पं युवराज पांडेय ने अपनी सुरक्षा को लेकर मंच से बयान दिया था, जिसे लेकर सियासी हल्कों में चर्चा तेज है. इसे लेकर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सनातनियों की सरकार है. सभी कथावाचकों को सुरक्षा दी जा रही है. उनकी सरकार में डाकुओं को सुरक्षा मिल रही है, साधु संतों को कैसे नहीं मिलेगी. मंत्री के इस प्रतिक्रिया पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पलटवार करते हुए सरकार पर पलटवार किया है.

दीपक बैज ने मंत्री के बयान पर किया पलटवार

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने मंत्री राजेश अग्रवाल के बयान को आपत्तिजनक बताया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बाहर से आने वाले साधु-संतों को सुरक्षा दी जाती है. लेकिन छत्तीसगढ़ के साधु संत, जो कथा करवाते है, उन्हें सुरक्षा देना चाहिए. कांग्रेस की आपत्ति किसी को सुरक्षा देने से नहीं है. जिस तरह ऐसे कई आयोजनों में भगदड़ की स्थिति बनी है, जाने चली गई है, उसे देखते हुए सभी को सुरक्षा देनी चाहिए.

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उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री के डाकुओं को सुरक्षा देने के बयान से यह स्पष्ट हुआ है कि सरकार के पास कानून व्यवस्था खत्म हो गई है, सुरक्षा देने का सवाल ही नहीं सरकार ही खुद डाकू है. ये सरकार लुटेरों की सरकार है. 

साधुओं की सुरक्षा को लेकर मंत्री ने क्या कहा था ?

बता दें कि कैबनिट मंत्री राजेश अग्रवाल से जब सवाल किया गया कि सरकार बाहर से आने वाले को सुरक्षा हे रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के काथवाचकों को नहीं. इस पर उन्होंने कहा था कि सनातन की सरकार है, कैसे सुरक्षा नहीं दी जाएगी. गृहमंत्री ने कहा कि हमारे गृहमंत्री कहते हैं संतों को पलकों में बैठाकर लाएंगे. मंत्री ने कहा हम तो डाकुओं को सुरक्षा दे देते हैं, फिर ये तो साधु संत है.

पं युवराज पांडेय का वीडियो हुआ था वायरल 

दरअसल, छत्तीसगढ़ के कथावाचक युवराज का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो कहते नजर आ रहे हैं कि बड़े दुख की बात है… इतनी भीड़ है, इतनी पब्लिक है, लेकिन सुरक्षा करने के लिए दो पुलिसकर्मी भी नहीं खड़े हैं. ये दुर्भाग्य की बात है… इतनी भीड़ प्रशासन को नहीं दिख रही है. उन्होंने आगे कहा कि शुरू दिन कलश यात्रा के दौरान कई लोगों की माला चोरी हो गई, जिसके बाद कई भक्त कथा सुनने भी नहीं आए. इतनी भीड़, जनसैलाब के बाद भी एक सुरक्षाकर्मी नहीं है, बस गलती इ​तनी है कि हम छत्तीसगढ़िया हैं और कोई गलती नहीं है.










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