असम में केवल मियां को ही निकाला जा रहा हिमंत ने कांग्रेस पर साधा निशाना

असम में केवल मियां को ही निकाला जा रहा हिमंत ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य में केवल 'मियां' (बांग्ला बोलने वाले मुसलमानों) को ही निकाला जा रहा है। उन्होंने गुवाहाटी के आसपास की पहाडि़यों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जाने की बात खारिज की है।उन्होंने कहा कि पहाडि़यों में रहने वाले किसी भी मियां को निकासी नोटिस दिया जाएगा, लेकिन किसी भी असमिया को नहीं। सरमा ने रविवार को विपक्षी पार्टियों पर 'मियां' को खुश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रदेश मुख्यालय 'मियां' लोगों से भरा हुआ है।

किसे निकाला जा रहा है?

असम में केवल मियां को निकाला जा रहा है। भला असमिया लोगों को कैसे निकाला जा सकता है? 'मियां' मूल रूप से असम में बांग्ला बोलने वाले मुसलमानों के लिए एक अपमानजनक शब्द है और आमतौर पर उन्हें अवैध बांग्लादेशी के रूप में पहचानते हैं।

सरमा ने कहा कि यह मीडिया है जो गुवाहाटी की पहाडि़यों में संभावित निकासी अभियान की अफवाहें फैला रहा है। उन्होंने दावा किया, ''चुनाव तक, जब एक भी निकासी नहीं होगी, तब पहाडि़यों में रहने वाले लोग समझेंगे कि यह मीडिया ही था जिसने उन्हें तनाव में डाला।''

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126 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए चुनाव इस वर्ष के पहले भाग में होने हैं, जिसमें भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन तीसरी बार सत्ता में आने का प्रयास करेगा। भाजपा राज्य में 10 वर्षों से सत्ता में है।

कांग्रेस पर केवल बांग्ला भाषी मुसलमानों को खुश करने का आरोप लगाते हुए सरमा ने कहा, ''कांग्रेस ने कहा है कि उसे पार्टी टिकट के लिए 750 आवेदनों का पता चला है। लेकिन उन्होंने कहा कि इनमें से 600 आवेदक मियां हैं। केवल 120-130 आवेदक हिंदू हैं।''

सरमा ने लगाए आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां विधानसभा चुनावों में ''मियां के लिए'' एकजुट होंगी। सरमा ने बताया कि असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान संबंधों के विवरण 31 जनवरी सार्वजनिक किए जाएंगे।

सरमा ने आरोप लगाया कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी, मेघालय (यूएसटीएम) को आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ी एक संस्था से आया था। उन्होंने असम के सनातनी लोगों से अनुरोध किया कि वे गुवाहाटी के पास स्थित इस विश्वविद्यालय में नामांकन न करें और ''इसका समर्थन करना बंद करें।''










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