लैलूंगा सीएचसी बना एनक्यूएएस प्रमाणित पहला स्वास्थ्य संस्थान,टीमवर्क और मजबूत नेतृत्व से संभव हुई उपलब्धि

लैलूंगा सीएचसी बना एनक्यूएएस प्रमाणित पहला स्वास्थ्य संस्थान,टीमवर्क और मजबूत नेतृत्व से संभव हुई उपलब्धि

रायगढ़, 28 जनवरी 2026 : राज्य शासन के दिशा-निर्देशानुसार कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के नेतृत्व एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जगत के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिले के लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएएस) प्रमाणन प्राप्त कर जिले का पहला संस्थान बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल लैलूंगा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए गर्व, विश्वास और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतीक बनकर सामने आई है। डीपीएम सुश्री रंजना पैंकरा, जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम तथा लैलूंगा बीएमओ डॉ. धरम साय पैंकरा के निरंतर प्रयासों और समर्पण ने इस लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा लागू एनक्यूएएस एक राष्ट्रीय गुणवत्ता ढांचा है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दी जा रही सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है। इसके अंतर्गत संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुरक्षा, नैदानिक सेवाओं की गुणवत्ता, दवा प्रबंधन, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और मरीज संतुष्टि जैसे अनेक बिंदुओं पर सख्त मूल्यांकन किया जाता है।

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इस बड़ी सफलता के पीछे मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट मार्गदर्शन और उत्कृष्ट टीमवर्क की अहम भूमिका रही। लैलूंगा चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ सलाहकार एवं मार्गदर्शक डॉ.एस.एन. उपाध्याय के मार्गदर्शन में अस्पताल की कार्यप्रणाली को एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप ढाला गया। इस दौरान बीपीएम अश्वनी कुमार साय सहित अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, सफाई कर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया। महीनों की सतत मेहनत के बाद लैलूंगा सीएचसी में सुव्यवस्थित पंजीयन प्रणाली, स्वच्छ वार्ड व शौचालय, संक्रमण नियंत्रण के लिए एसओपी का सख्त पालन, दवाओं व उपकरणों का वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रसव कक्ष, ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं का उन्नयन किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के मूल्यांकनकर्ताओं ने गहन निरीक्षण कर सभी मानकों पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए एनक्यूएएस प्रमाणन प्रदान किया।

इस प्रमाणन का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अब लैलूंगा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर, सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज, स्वच्छ वातावरण, समयबद्ध जांच एवं मरीज-केंद्रित सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी, जिससे जिला अस्पताल या निजी संस्थानों पर निर्भरता कम होगी। लैलूंगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह सफलता रायगढ़ जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। यह प्रमाण है कि सही नेतृत्व, ईमानदार प्रयास और टीम भावना से सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भी गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बन सकती हैं। एनक्यूएएस प्रमाणन केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि यह जनता के विश्वास और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती का सशक्त प्रमाण है।










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