कोलकाता : माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक व नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने चुनावी गठबंधन की संभावनाओं को लेकर मुलाकात की। दोनों बुधवार को न्यू टाउन के एक होटल में मिले। उनके बीच करीब एक घंटे बातचीत हुई।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सलीम ने कहा, "हम हमारे बीच हुई बातचीत पर वाममोर्चा में चर्चा करेंगे। उसके बाद वाममोर्चा के बाहर के वामपंथी दलों और उसके बाद इंडियन सेक्युलर फ्रंट से चर्चा करेंगे। वहीं कबीर ने कहा, "मैंने सलीम साहब से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि गठबंधन के गठन की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी हो जाए।"
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
AIMIM से भी होगा गठबंधन?
कबीर ने यह भी कहा कि आगामी विस चुनाव के लिए उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआईएम) से भी गठबंधन के बारे में बातचीत कर सकती है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य भ्रष्ट सरकार को हराना और राज्य की जनता को एक पारदर्शी सरकार देना है।"
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि न तो माकपा और न ही हुमायूं कबीर की पार्टी को जनता का समर्थन प्राप्त है। माकपा राजनीतिक रूप से दिवालिया हो चुकी है। माकपा का एक बड़ा वर्ग कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं है।
उसका मानना है कि माकपा धर्मनिरपेक्ष पार्टी है। उसका ऐसी पार्टी से हाथ मिलाना सही नहीं होगा, जो बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद का निर्माण कर रही है। इससे माकपा की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments