मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच 4 सालों से चली आ रही जंग रुकवाने की लाख कोशिशें हो चुकी हैं लेकिन ट्रंप से लेकर यूरोपीय देश सभी के हाथ बार-बार निराशा लगी. ट्रंप तो ये दावा तक कर चुके हैं कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच भयंकर नफरत है, जिसकी वजह से जंग रुक नहीं रही है.
वहीं, अब पुतिन ने सभी को चौंका दिया है. उन्होंने पहली बार यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के लिए रूस के दरवाजे खोल दिए हैं. जेलेंस्की को मॉस्को आने का न्योता दिया गया है. यानी अब दोनों देश बिना किसी के दखल के आमने-सामने बैठकर जंग सुलझाएंगे.
रूस और यूक्रेन बैठकर करेंगे बात?
गुरुवार को क्रेमलिन से आई एक खबर ने पूरी दुनिया के सुरक्षा गलियारों में भूकंप ला दिया है. रूस ने आधिकारिक तौर पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आमंत्रित किया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की है कि न्योता भेज दिया गया है, लेकिन जेलेंस्की की तरफ से अभी सन्नाटा है. ये फैसला दोनों देशों के लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नही है.
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ट्रंप ने कर ली पुतिन से बात
रूस और यूक्रेन के बीच बात बनती देख ट्रंप भी इस हलचल में कूद पड़े हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया है कि पुतिन से उनकी फोन पर बात हुई है. वॉशिंगटन में अपनी कैबिनेट मीटिंग के दौरान इस फोन कॉल पर खुलासा करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने पुतिन से निजी तौर पर कीव और अन्य शहरों पर हमले रोकने की गुजारिश की थी. उन्होंने पुतिन से कहा था कि हाड़ कंपा देने वाली ठंड में अटैक ना करें.
ट्रंप ने बताया कि 'पुतिन ने वादा किया है कि वो कीव पर एक हफ्ते तक हमला नहीं करेंगे. लोग कह रहे थे फोन मत करो, कोई फायदा नहीं होगा, लेकिन पुतिन ने मेरी बात मानी. यह उनका बड़प्पन है'.
बता दें कि यूक्रेन में इस वक्त ऐसी ठंड पड़ रही है कि बिजली और हीटिंग के बिना रहना मौत को दावत देने जैसा है. वहीं, रूस के अटैक के बाद यूक्रेन के कई इलाकों में बिजली चली गई है. यहां पर लोग हड्डियां गला देने वाली ठंड में बिना हीट के रातें गुजरने को मजबूर हैं.
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