सरसों की फसल में फूल आने का समय सबसे संवेदनशील माना जाता है. इसी दौरान कुछ छोटे लेकिन खतरनाक कीट पूरी फसल पर भारी पड़ सकते हैं. उप निदेशक कृषि विकेश सिंह पटेल के अनुसार, माहू, चेंपा और तना बेधक जैसे कीट पौधों का रस चूसकर फूल और फलियों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे दाना भराव और पैदावार पर सीधा असर पड़ता है.
रबी मौसम में सरसों किसानों की प्रमुख तिलहनी फसलों में से एक है. अच्छी पैदावार के लिए सरसों के फूलों की सुरक्षा बेहद जरूरी होती है, क्योंकि इसी अवस्था में फसल पर कीट और रोगों का खतरा सबसे अधिक रहता है. यदि फूल झड़ने लगें या कीटों का प्रकोप बढ़ जाए, तो सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान लेकिन समय पर अपनाए गए उपाय सरसों की पैदावार को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं.
उप निदेशक कृषि विकेश सिंह पटेल ने बताया कि सरसों की फसल में फूल आने के समय सबसे बड़ा खतरा माहू (एफिड), चेंपा और तना बेधक जैसे कीटों से होता है. ये कीट पौधों का रस चूसकर फूल और फलियों को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे दाना भराव प्रभावित होता है. बचाव के लिए किसानों को नियमित रूप से खेत का निरीक्षण करना चाहिए. यदि प्रति 10 से 15 पौधों पर माहू दिखाई दे, तो तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाना जरूरी है.
जैविक तरीके से बचाव के लिए नीम आधारित कीटनाशक या नीम का तेल 3 से 5 मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव किया जा सकता है. यह उपाय पर्यावरण के लिए सुरक्षित होने के साथ-साथ मधुमक्खियों को भी नुकसान नहीं पहुंचाता, जो परागण के लिए जरूरी होती हैं. इसके अलावा, खेत में लेडी बर्ड बीटल जैसे मित्र कीटों का संरक्षण भी माहू नियंत्रण में सहायक होता है.
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
यदि कीट प्रकोप अधिक हो जाए तो कृषि विशेषज्ञों की सलाह से सीमित मात्रा में रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जा सकता है. छिड़काव हमेशा सुबह या शाम के समय करें, ताकि परागण करने वाले कीट सुरक्षित रहें. ध्यान रहे कि फूल आने की अवस्था में अनावश्यक दवाओं का प्रयोग नुकसानदेह हो सकता है.
सरसों के फूलों को गिरने से बचाने के लिए संतुलित पोषण भी जरूरी है. इस समय सल्फर और बोरोन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से फूल झड़ने लगते हैं..0.2 प्रतिशत बोरोन या सल्फर युक्त उर्वरक का छिड़काव करने से फूल और फलियों की संख्या बढ़ती है. साथ ही हल्की सिंचाई से पौधों को नमी मिलती है, जिससे फूल टिके रहते हैं.
खेत में खरपतवार नियंत्रण भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि ये पोषक तत्वों के लिए फसल से प्रतिस्पर्धा करते हैं. साफ-सुथरा खेत सरसों की बेहतर बढ़वार और अधिक उत्पादन में मदद करता है. इनका प्रयोग कर सरसो की फसल बचाने के लिए कर सकते हैं.
कुल मिलाकर यदि किसान फूल आने की अवस्था में सरसों की फसल पर विशेष ध्यान दें, समय पर कीट नियंत्रण, संतुलित खाद और सही सिंचाई करें तो सरसों का उत्पादन अच्छा होगा और तेल भी हानिकारक नहीं रहेगा.
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments