ठंड के दिनों में किसान गेंदा की खेती भी कर रहे हैं. इससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता है. गेंदा बाजार में काफी डिमांड वाली फसल है, जो कम लागत में अच्छी पैदावार करते हैं. बस्तर के किसान अनिल कुमार नेताम ठंड के समय में कलकत्ता गेंदा की खेती कर रहे हैं. उत्पादन और गुणवत्ता में यह शानदार होता है.यह महंगा नहीं पड़ता है और फसल चार महीने की होती है. बस्तर के किसान कलकत्ता गेंदा से अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं. अगर आप भी कलकत्ता गेंदा की खेती एक एकड़ में करेंगे तो लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं.
ड्रिप और बेड विधि में उत्पादन बहुत अच्छा
लोकल 18 की टीम ने कलकत्ता गेंदा की खेती कर रहे किसान अनिल कुमार नेताम से बातचीत की. अनिल कुमार नेताम बताते हैं कि जमीन तैयार नहीं होने के कारण उन्होंने दस डिसमिल में कलकत्ता गेंदा लगाया है. मैं अभी कटिंग कलकत्ता गेंदा लगाया हूं. गेंदा की फसल के लिए पहले एक बार जुताई की, उसके बाद रोटावेटर से मिट्टी को भुरभुरी कर लिया. इस फसल को क्यारी और बेड दोनों में लगाया जा सकता है. ड्रिप और बेड विधि में उत्पादन बहुत अच्छा होता है. पौधे – पौधे की दूरी दो फिट है.
तीन महीने में एक महीने तक फूल का साइज
अनिल ने आगे बताया कि अभी मैंने क्यारी में लगाया है. इसका पौधा लगाया जाता है. इस पौधे को कलकत्ता से मंगाना पड़ता है. इसका रेडीमेड पौधा आता है. यह पौधा एक रुपये से ढाई रुपये के बीच पड़ता है. समय के हिसाब से इसका रेट रहता है. यह फसल दो महीने में शुरू हो जाती है. एक महीने तक अच्छा फूल देता है. अगर अच्छी देखरेख करें तो यह फसल चार महीने तक चलती है, लेकिन फूल का साइज थोड़ा छोटा हो जाता है. तीन महीने में एक महीने तक फूल का साइज अच्छा रहता है.
बीमारी की बात करें तो आमतौर पर गेंदा की खेती में पत्ता सूखने की बीमारी दिखाई देती है. इसके अलावा कीड़े भी लगते हैं, इसके लिए कीटनाशक का छिड़काव करना चाहिए. फफूंदनाशक के लिए नेटिओ का उपयोग करते हैं. जब पौधा छोटा होता है, उस समय सार्क का उपयोग करते हैं. इसमें गोबर खाद और डीएपी खाद डालनी चाहिए. ठंड के दिनों में फूल अच्छा होता है, लेकिन लीफ माइनर का प्रकोप आता है.
दस डिसमिल में खेती करने पर लगभग दस हजार रुपये खर्च आता है. मुनाफा बाजार की डिमांड पर निर्भर करता है.कम से कम मानें तो इसमें बीस हजार से तीस हजार रुपये तक का मुनाफा हो सकता है.
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