परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी), आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद के तत्वावधान में गरियाबंद जिले के प्रथम “नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम–2026” का आयोजन आज विश्वविद्यालय परिसर में अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ आईएसबीएम विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात विशेषज्ञों एवं विद्वानजनों की समिति द्वारा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नवाचारी मॉडलों एवं वैज्ञानिक पोस्टरों का सूक्ष्म एवं गहन मूल्यांकन किया गया।
कार्यक्रम उपरांत विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों से आए छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, प्राचार्यगण एवं सम्मानित अतिथिगण एकत्रित हुए। सभी अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान के पश्चात कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं राजकीय गीत के साथ किया गया।
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इस अवसर परआईआईसी–आईएसबीएम विश्वविद्यालय के संयोजक ने इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल की भूमिका, उद्देश्य तथा आईएसबीएम विश्वविद्यालय में संचालित नवाचार संबंधी गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि आईआईसी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही नवाचार, अनुसंधान एवं उद्यमिता की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम में मंचस्थ विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने अपने उद्बोधन में नवाचार को वर्तमान युग की आवश्यकता बताते हुए कहा कि नवाचार के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र की प्रगति संभव है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता तथा विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं प्रयोगात्मक शिक्षा की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
इस नवाचार प्रदर्शनी में छुरा विकासखंड के लगभग सभी विद्यालयों ने सहभागिता की। प्रदर्शनी के अंतर्गत 70 से अधिक नवाचारी मॉडल एवं पोस्टर विभिन्न विषयों और सामाजिक उपयोगिता आधारित विषयों पर प्रस्तुत किए गए, जिसमें लगभग 130 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
विशेषज्ञ समिति के मूल्यांकन के आधार पर प्रथम पुरस्कार गोपेश्वरी साहू एवं मनीषा साहू द्वारा प्रस्तुत “किसान मित्र छड़ी” मॉडल को प्रदान किया गया, जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दादरगांव से संबंधित है। द्वितीय पुरस्कार भावेश साहू एवं उमेश साहू द्वारा प्रस्तुत “वाटर लेवल इंटीग्रेटर” मॉडल को प्रदान किया गया, जो स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय, छुरा से हैं। वहीं तृतीय पुरस्कार जागृति चंद्राकर एवं मंजूसा ठाकुर द्वारा प्रस्तुत “व्हीकल ड्राइवर सेफ्टी सेंसर” मॉडल को प्रदान किया गया, जो सेंट जॉन इंग्लिश मीडियम स्कूल, छुरा से संबंधित है।
इसके अतिरिक्त नवाचार प्रदर्शनी में सहभागिता करने वाले सभी विद्यालयों को सम्मान प्रमाण पत्र तथा सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों ने इस प्रकार के नवाचार आधारित आयोजनों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यालयी विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक चेतना एवं रचनात्मक सोच विकसित होती है, जिससे समाज को नई दिशा और उपयोगी समाधान प्राप्त होते हैं।
यह नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम विद्यालयों एवं उच्च शिक्षा संस्थानों के मध्य शैक्षणिक समन्वय को सुदृढ़ करने तथा नवाचार संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ। इस नवाचार प्रदर्शनी कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) के अध्यक्ष एवं संयोजक का मार्गदर्शन एवं नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। साथ ही कुलाधिपति एवं आईएसबीएम विश्वविद्यालय के समस्त प्रबंधन का विशेष सहयोग एवं संरक्षण प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त आईआईसी के सभी सदस्यों के सतत परिश्रम, समन्वय एवं टीमवर्क के कारण यह कार्यक्रम सुव्यवस्थित, गरिमामय एवं पूर्ण सफलता के साथ संपन्न हो सका।
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