बजट 2026-27 :AI गवर्नेंस से लेकर टेक फेलोशिप तक, आईटी सेक्टर के लिए बजट में हुई कई बड़ी घोषणाएं

बजट 2026-27 :AI गवर्नेंस से लेकर टेक फेलोशिप तक, आईटी सेक्टर के लिए बजट में हुई कई बड़ी घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट भाषण के दौरान टेक और आईटी सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री ने भारत के आईटी सेक्टर को विकसित भारत का इंजन बताया है। भारत सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और आईटी इनेबल्ड सर्विस में ग्लोबल लीडर है। अपने बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि उसे लीड भी करेगा। इस बजट में एआई और गवर्नेंस से लेकर टेक फेलोशिप तक की घोषणाएं की गई हैं। आइए, जानते हैं आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए इस बजट में क्या बड़ी घोषणाएं की हैं...

IT सेक्टर है भारत का ग्रोथ इंजन

वित्त मंत्री ने आईटी यानी इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी को भारत का ग्रोथ इंजन बताया है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि भारत सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी इनेबल्ड सर्विस, नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग सर्विसेज और कॉन्ट्रैक्ट R&D में ग्लोबल लीडर है। इन सभी बिजनेस सेगमेंट को IT सर्विस कैटेगरी में कल्ब किया गया है और इसके लिए 15.5% का सेफ हार्बर मार्जिन रखा गया है। आईटी सर्विसेज के लिए सेफ हार्बर को 300 करोड़ से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपया किया गया है।

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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की घोषणाएं

  1. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि एआई गवर्नेंस पर जोर दिया जाएगा। अब सरकारी सेवाओं और गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल मल्टीप्लायर के तौर पर किया जाएगा। देश के सभी जिलों में एआई बेस्ड सॉल्यूशन्स को प्रमोट किए जाने का प्रावधान रखा गया है।
  2. इसके अलावा वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए 10,000 टेक फेलोशिप देने की घोषणा की है। देश के IITs और IISc में नए टेक फेलोशिप शुरू किए जाएंगे ताकि एआई और डीप-टेक में रिसर्च को बढ़ाया जा सके।
  3. सरकार ने हेल्थ सेक्टर में भी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की घोषणा की है। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये की बायोफार्मा शक्ति योजना की शुरुआत करने की घोषणा हुई है। यह देश के डिजिटल हेल्थकेयर इकोसिस्टम को मजबूत करने का काम करेगा।
  4. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) की घोषणा की है, जिसमें भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च किया जाने की बात कही है।
  5. डीप-टेक और रोबोटिक्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई पॉलिसी लाने का प्रस्ताव रखा है। भारत में डीप-टेक, रोबोटिक्स और एआई स्टार्ट-अप्स के लिए इंसेंटिव दिए जाने का भी प्रावधान है।

AI क्षेत्र की घोषणाएं

  1. वित्त मंत्री ने एआई जैसी नई तकनीक को भारत की अर्थव्यवस्था की ताकत बढ़ाने वाला बताया है। एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की वजह से नौकरियों पर होने वाले प्रभाव को खत्म करने के लिए स्किल डेवलपमेंट पर जोर देने की बात कही है।
  2. बजट में इंटरनेट कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की बात कही है। सरकार ने टेलीकॉम और कम्युनिकेशन सेक्टर के लिए करीब 76 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान रखा है।
  3. इस बजट को डिजिटल इंडिया मिशन के अगले फेज के तौर पर पेश किया गया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में जोर देकर कहा कि टेलीकॉम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) भारत में इकोनॉमी का ऑपरेटिंग सिस्टम है। अगले पांच साल में डेटा सेंटर और 5G/6G कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

AVCG और कंटेंट क्रिएशन

  1. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कंटेंट क्रिएटर्स के लिए देश भर के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में खास लैब्स ओपन करने की बात कही है। इस लैब को IICT मुंबई की सहायता से डेवलप किया जाएगा। डिजिटल और क्रिएटिव स्किल सिखाने के लिए 5 नए टाउनशिप को विकसित किए जाने की बात कही गई है। इन टाउनशिप में पढ़ाई के साथ-साथ कंपनियों में ट्रेनिंग करने का मौका मिलेगा।
  2. गेमिंग स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियों की मदद के लिए सरकार ने इस बजट में 10,000 करोड़ रुपये का फंड रखा है। भारत कंटेंट क्रिएशन, एनिमेशन, गेमिंग के लिए उभरता हुआ बाजार है। इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए 20 लाख नए रोजगार की संभावनाएं हैं।










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