छुरिया : नगर पंचायत छुरिया के वार्ड क्रमांक 01 में 15वें वित्त आयोग की राशि से बन रही नाली का निर्माण कार्य इन दिनों विवादों में घिरता नजर आ रहा है। नाली निर्माण में गुणवत्ता एवं मापदंडों की अनदेखी को लेकर स्थानीय नागरिकों में रोष देखा जा रहा है।स्थल पर किए गए अवलोकन एवं उपलब्ध तस्वीरों के अनुसार नाली की दीवारों में असमान मोटाई, जगह-जगह कमजोर प्लास्टरिंग तथा मानक के विपरीत निर्माण साफ नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण कार्य ठेकेदार को पेटी (सबलेट) में देकर कराया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
4 इंच की दीवार 3 इंच में बदली?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वीकृत तकनीकी स्टिमेट में नाली की दीवार की चौड़ाई 4 इंच निर्धारित है, लेकिन मौके पर निर्माण लगभग 3 इंच में किया जा रहा है। यदि यह सही पाया जाता है तो यह सीधे-सीधे शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आएगा।
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निरीक्षण पर भी सवाल
चौंकाने वाली बात यह है कि कार्य प्रगतिरत होने के बावजूद अब तक प्रभावी तकनीकी निरीक्षण नजर नहीं आ रहा। थूक पालिश कर किया जा रहा नाली निर्माण। यदि निरीक्षण हुआ है, तो फिर मानक से कम निर्माण कैसे हो रहा है—यह सवाल आमजन पूछ रहे हैं।
RTI से खुलेगा सच
स्थानीय जागरूक नागरिकों द्वारा इस पूरे मामले की सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी जा रही है, जिसमें तकनीकी स्टिमेट, कार्यादेश, माप-पुस्तिका (MB) और भुगतान विवरण शामिल है। जानकारी आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में जांच कर कार्रवाई करता है या चुप्पी साधे रहता है।
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