परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद: गणित एवं विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), पुणे में राष्ट्रीय स्तर का तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण में छुरा नगर के उत्कृष्ट शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा ने सहभागिता कर जिले का गौरव बढ़ाया।यह प्रशिक्षण राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य, जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों का सतत मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। राज्य स्तर से आयुक्त श्रीमती किरण कौशल (आईएएस), उपसंचालक ए.के. सारस्वत, सहायक संचालक श्रीमती मंजूलता साहू, एपीसी राजेश सोनकर एवं बसंत कुमार वर्मा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

जिला स्तर से कलेक्टर भगवान सिंह उइके, जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर, जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर तथा जिला मिशन समन्वयक शिवेश कुमार शुक्ला के निर्देशन में यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। वहीं जिले से एपीसी एवं जिला नोडल विल्सन पी. थॉमस का विशेष मार्गदर्शन शिक्षकों को प्राप्त हुआ।राष्ट्रीय स्तर के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गरियाबंद जिले से चयनित शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा, अवनीश पात्र, दीपिका भोई, सोनाली मडामे एवं माधुरी वर्मा शामिल हुए।प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को Active Learning, Activity-Based Teaching तथा Student-Centric Pedagogy जैसी आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराया गया। विज्ञान विषय को केवल तथ्यों के संग्रह के बजाय एक सतत प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही NGSS-2013 (Next Generation Science Standards) की अवधारणा, उद्देश्य एवं कक्षा स्तर पर उसके व्यवहारिक उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
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गणित शिक्षण के अंतर्गत क्षेत्रफल, आयतन, तार्किक चिंतन एवं दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की तकनीकें सिखाई गईं। वहीं विज्ञान विषय में ध्वनि, प्रकाश, गुरुत्वाकर्षण, तरंगदैर्ध्य, आवृत्ति, पिच एवं अनुनाद जैसे जटिल विषयों को गतिविधि एवं प्रयोग आधारित तरीकों से समझाया गया।इसके अतिरिक्त शिक्षकों को डिजिटल टूल्स, शैक्षणिक ऐप्स तथा कम लागत वाली शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के निर्माण एवं उपयोग का भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। Science Gallery एवं आधुनिक प्रयोगशालाओं के भ्रमण से शिक्षकों को प्रयोगात्मक अधिगम की व्यवहारिक समझ प्राप्त हुई।
प्रशिक्षण उपरांत शिक्षक अर्जुन धनंजय सिन्हा ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, व्यवहारिक एवं छात्र-केंद्रित बनाने की नई दृष्टि प्राप्त हुई है। प्रशिक्षण में अर्जित ज्ञान का उपयोग वे अपने विद्यालय में नवाचारी शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से करेंगे, जिससे जिले में गणित एवं विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।सफलतापूर्वक प्रशिक्षण में भाग लेने पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.एल. मतावले, विकासखंड स्रोत समन्वयक प्रेमदास मार्कण्डेय, शिक्षाविद् के.आर. सिन्हा, एस.आर. निषाद, बी.एल. तारक, उखराज ध्रुवा, अध्यक्ष संतराम साहू, नवाचारी शिक्षक शंकर लाल यदु, वरिष्ठ शिक्षक निर्भय राम ठाकुर, मुरारी राम देवांगन, प्रधानपाठिका, शिक्षक उमेश कुमार ढीढी, चंद्रभूषण निषाद, सुशील कुमार पांडे, शीतल चंद्राकर, करुणा वर्मा, हेमलाल पटेल, देवनारायण यदु, संतराम कंवर एवं ललित साहू सहित अनेक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
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