नई दिल्ली : अच्छी नींद न सिर्फ शरीर और दिमाग को फ्रेश रखती है, बल्कि यह हमारी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, अगर नींद पूरी न हो तो आपका सारा दिन धीमा हो जाता है। इसलिए अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि सोने की पोजीशन भी सही हो। सोने की गलत पोजीशन आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। दरअसल, अलग-अलग पोजीशन के अपने फायदे और नुकसान होते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे स्लीपिंग पोजीशन के बारे में, जो आपके शरीर और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
फीटल पोजीशन
सोने की सबसे अच्छी पोजीशन में से एक फीटल पोजीशन है यानी भ्रूण जैसी पोजीशन। जिसका मतलब करवट लेकर पैरों को मोड़कर सोना, ठीक वैसे ही जैसे पैदा होने से पहले मां की कोख में बच्चा रहता है। यह शरीर के लिए काफी आरामदायक पोजीशन मानी जाती है। खासकर उन लोगों के लिए जिनकी कमर के निचले हिस्से में दर्द रहता है या जो महिलाएं प्रेग्नेंट हैं, उनके लिए यह बेहद मददगार हो सकती है। इस तरह सोने से खर्राटे कम हो सकते हैं और नींद अच्छी आती है।
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ध्यान रखें: अगर आप काफी इस पोजीशन में काफी ज्यादा फोल्ड होकर सोते हैं, तो सोते वक्त सांस लेने में आपको परेशानी आ सकती है। साथ ही जिन लोगों को अक्सर जोड़ों में दर्द या अकड़न रहती है उन्हें सुबह उठते वक्त और दर्द महसूस हो सकता है। इसलिए कोशश करें कि सारी रात इस पोजीशन में न सोएं।
साइड पोजीशन
साइड स्लीपिंग पोजीशन यानी करवट लेकर सोना भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। यह पोजीशन फीटल जैसी होती है, लेकिन इसमें पैरों को पूरी तरह मोड़ा नहीं जाता है। अगर आप खर्राटे की समस्या से परेशान हैं, तो यह पोजीशन आपके लिए बेस्ट है, क्योंकि इस तरह सोने से खर्राटे की परेशानी कम होती है। साथ ही, यह पाचन और सीने में जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती है।
ध्यान रखें: एक तरफ करवट लेकर सोने के जहां फायदे हैं, तो वहीं कुछ नुकसान भी हैं। साइड स्लीपिंग पोजीशन में अगर आप लगातार सोते हैं तो इससे कंधों में अकड़न या जबड़े में जकड़न जैसी समस्या हो सकती है। इन समस्याओं को कम करने के लिए आप पैरों के नीचे वाले हिस्से के बीच में तकिया रख सकते हैं। यह कमर और हिप्स को बैलेंस रखता है, जिससे आप दर्द से राहत पा सकते हैं।
पीठ के बल सोना
आप पीठ के बल भी सो सकते हैं। इसे भी सोने के लिए बेस्ट माना जाता है। यह रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट देता है और पीठ के निचले हिस्से पर दबाव कम पड़ता है। साथ ही, यह पीठ और घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में भी मदद करता है। अगर आप झुर्रियों से बचना चाहते हैं, तो यह पोजीशन आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।
ध्यान रखें: अगर आपको खर्राटे या स्लीप एपनिया जैसी समस्या है, तो यह पोजीशन आपके शरीर और सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। साथ ही, जिन लोगों को पीठ दर्द की शिकायत रहती है उन्हें पीठ के बल सोते वक्त सही स्पोर्ट का ध्यान रखना चाहिए।
पेट के बल सोना
ऐसे कई लोग हैं जिन्हें पेट के बल सोने में ही अच्छी नींद आती है। इस पोजीशन में सोने से भले ही आराम बहुत मिलता है, लेकिन सोने की यह पोजीशन लिस्ट में सबसे नीचे आती है। पेट के बल सोना खर्राटों या फिर स्लीप एपनिया के लिए तो बहुत अच्छी होती है, लेकिन इसके अलावा इसके कोई फायदे नहीं हैं। इस तरह सोने से गर्दन और पीठ दोनों में दर्द हो सकता है।
साथ ही, पेट के बल सोने से मांसपेशियों और घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सुबह उठने पर आप दर्द और थकान महसूस कर सकते हैं। पीठ दर्द न हो इसके लिए आप सोते वक्त पेट के नीचे तकिये का इस्तेमाल कर सकते हैं।
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