परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : जिले के राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम दुतकैया में 1 फरवरी 2026 को हुई हिंसक घटना के बाद अब मामले ने नया मोड़ ले लिया है। साहू समाज के लोगों ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और वास्तविक दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में साहू समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि घटना से पहले और घटना के दिन गांव में असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार डर और दहशत का माहौल बनाया जा रहा था। शिकायत के अनुसार मुस्लिम समाज से जुड़े आरिफ खान एवं उसके सहयोगी गांव में चाकू, तलवार और डंडों के साथ खुलेआम घूमते हुए ग्रामीणों को धमका रहे थे और कई लोगों के साथ मारपीट भी की गई थी। इस कारण पूरे गांव में भय का वातावरण बन गया था।
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साहू समाज का आरोप है कि हिंसा की घटना के बाद वास्तविक आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय समाज के निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। समाज के अनुसार गौतम साहू, उपेंद्र साहू, भूपेंद्र साहू, गुलशन साहू, दिलीप साहू एवं पूजा साहू को बिना ठोस साक्ष्य के आरोपी बनाया गया है, जिससे समाज में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आरिफ खान के खिलाफ पूर्व से ही लूट, मारपीट और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की शिकायतें संबंधित थाने में दर्ज हैं, इसके बावजूद समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी लापरवाही के चलते उसकी आपराधिक गतिविधियां बढ़ती चली गईं, जिसका खामियाजा अब निर्दोष ग्रामीणों और साहू समाज को भुगतना पड़ रहा है।
साहू समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, निर्दोषों पर की जा रही कार्रवाई को तत्काल रोका जाए, तथा गांव में शांति और कानून व्यवस्था कायम करने के लिए वास्तविक दोषियों पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं।समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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