इस समय गेहूं की खेती का सीजन जोरों पर है. पहली सिंचाई के बाद अब ज्यादातर किसान भाई दूसरी सिंचाई की तैयारी में जुटे हैं. हर किसान चाहता है कि उसकी फसल की पैदावार अच्छी हो और बालियां मजबूत निकलें. अगर आप भी कम लागत में अपनी पैदावार बढ़ाना चाहते हैं, तो आज हम आपको एक ऐसा कमाल का उपाय बताने जा रहे हैं जिसे सिंचाई के दौरान इस्तेमाल करके आप अपनी फसल की किस्मत बदल सकते हैं. यह उपाय है ‘गोबर की खाद’ का सही तरीके से इस्तेमाल. आइए जानते हैं कृषि वैज्ञानिक से कि सिंचाई के वक्त गोबर किस तरह से जादू का काम करता है.
कैसे करें इस ‘देसी जुगाड़’ का इस्तेमाल?
कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर सी. के. त्रिपाठी बताते हैं कि गेहूं के खेत की सिंचाई करते समय एक बहुत ही आसान तरीका अपनाकर आप पूरी फसल को ताकत दे सकते हैं. आपको करना बस यह है कि जब आप खेत में पानी लगा रहे हों, तो पानी के पाइप के मुहाने (जहां से पानी निकलता है) पर एक जूट के बोरे में गोबर की पुरानी खाद भरकर रख दें. जब पानी की तेज धार उस बोरे से होकर गुजरेगी, तो वह गोबर के पोषक तत्वों और उसके ‘रस’ को अपने साथ बहाकर पूरे खेत में समान रूप से फैला देगी. इससे गेहूं के पौधों को सीधा पोषण मिलेगा, वे मजबूत होंगे और उनमें बालियां जल्दी और सेहतमंद निकलेंगी.
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बढ़ती गर्मी से फसल को बचाने का सबसे बेहतर तरीका
आमतौर पर गेहूं के सीजन में अच्छी ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ है. सर्दी जल्दी खत्म हो रही है और तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है. गर्मी बढ़ने का सीधा असर गेहूं की फसल पर पड़ता है जिससे बालियां कमजोर रह सकती हैं. डॉक्टर त्रिपाठी के अनुसार, अगर आपके खेत में भी बालियां निकलने में देरी हो रही है, तो आपको यह गोबर वाला उपाय तुरंत आजमाना चाहिए. इसके साथ ही खेत से ‘गेहूं का मामा’ (खरपतवार) को भी निकालते रहें, ताकि सारा पोषण सिर्फ आपके मुख्य पौधों को ही मिले और उनका विकास अच्छी तरह हो सके.
बालियां निकलने के समय रखें विशेष ध्यान
डॉक्टर सी. के. त्रिपाठी ने आगे बताया कि गेहूं में बालियां निकलने का सही समय अक्सर 10 फरवरी के आसपास आता है. यह वह समय होता है जब गेहूं के दानों में दूध भर रहा होता है. अगर इस दौरान मिट्टी का तापमान ज्यादा रहता है, तो दानों की क्वालिटी खराब हो सकती है और वे पतले रह सकते हैं. इस समस्या से बचने के लिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों की सिंचाई हल्की करें, लेकिन कम समय के अंतराल पर करते रहें. यानी खेत में हल्की नमी हमेशा बनी रहनी चाहिए ताकि गर्मी का असर फसल पर न पड़े.इस आसान और सस्ते तरीके को अपनाकर किसान भाई न केवल अपनी लागत बचा सकते हैं, बल्कि अपनी गेहूं की पैदावार में भी शानदार मुनाफा कमा सकते हैं.
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