प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। उनके भाषण के दौरान विपक्षी सांसद सदन में हंगामा करते रहे। जैसे ही पीएम ने बोलना शुरू किया, वैसे ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पर पीएम मोदी ने अध्यक्ष से कहा, मेरा कहना है कि खरगे जी को सीट पर बैठकर ही बोलकर नारेबाजी करने की अनुमित दे दो। उन्होंने विपक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा, ''जो लोग थक गए, जो लोग चले गए लेकिन कभी ना कभी उनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की कैसी हालत बना दी थी कि दुनिया का कोई देश आपसे डील नहीं करना चाहता था। दुनिया के देश ऐसे ही भारत के साथ डील नहीं कर रहे हैं।''
आइये जानते हैं राज्यसभा में पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें...
कांग्रेस के हमारे साथियों को देश के बदलाव में इम्प्लीमेंटेशन नजर नहीं आ रहा। कई ऐसे काम थे, जिसे कोई पूछने वाला नहीं था। फिर मैंने प्रगति के नाम से टेक्नोलॉजी का एक प्लेटफॉर्म बनाया। इसके अंतर्गत इनके शासन में जितने भी प्रोजेक्ट रुके हुए थे, सभी को पूरा किया। इस प्रगति के कारण 85 लाख करोड़ रुपये के काम को गति मिली। ये हमने करके दिखाया।
इंदिरा जी ने ईरान में कहा- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्याएं हैं। उन्होंने उत्तर दिया- 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या भी इतनी ही थी। आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है, इसलिए मेरी समस्याओं की संख्या भी उतनी ही बड़ी है। ये अपने ही देशवासियों को समस्या मानते थे।
लोकसभा में क्यों टालना पड़ा PM मोदी का संबोधन?
बता दें कि संसद के मौजूदा बजट सत्र में बीते 2-3 दिन से हंगामे के कारण लगातार सदन की कार्यवाही स्थगित हो रही है। बुधवार शाम लोकसभा में पीएम मोदी अपना संबोधन नहीं दे सके। वह लोकसभा में शाम 5 बजे धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कल सदन में पीएम मोदी के साथ कुछ अप्रत्याशित घटना हो सकती थी ऐसे ने उनका संबोधन ऐन वक्त पर टालना पड़ा। मेरे अनुरोध पर प्रधानमंत्री मोदी सदन में नहीं आए। अब आज पीएम मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दिया।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments