आरंग : किसानों की मांग व आक्रोश के मद्देनजर समर्थन मूल्य पर धान बेचने हेतु दो दिन की अवधि बढ़ाये जाने के बाद भी टेकारी सोसायटी के कथित पात्र 17 किसानों को इस बढ़ाये गये अवधि में भी टोकन जारी नहीं हुआ जिसकी वजह से वे सोसायटी में धान बेचने से वंचित रह गये । इसे ले इन किसानों में आक्रोश व्याप्त है और वे मजबूरन सस्ते मे कोचियों को धान बेचने मजबूर हो गये हैं ।
मंदिर हसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीन आता है सोसायटी व धान खरीदी केंद्र टेकारी । यहां 3 ग्रामों टेकारी , कुंडा व खम्हरिया के किसान धान बेचते हैं । शासन ने पहले धान खरीदी हेतु अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की थी पर किसानों के धान पूर्ण रुप से नहीं बिक पाने की शिकायत व किसानों की मांग तथा आक्रोश के मद्देनजर शासन ने 5 व 6 फरवरी को भी किसानों का धान खरीदी करने का आदेश जारी किया था । किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने बतलाया कि इस सोसायटी के अधीनस्थ टेकारी ग्राम के 13 व कुंडा तथा खम्हरिया के 2- 2 किसानों को पात्रता के बाद भी इस बढ़ाये गये अवधि में भी टोकन जारी नहीं किया गया ।
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इन सभी किसानों से कुल मिला लगभग 600 क्विंटल धान खरीदना था व सबसे कम एक किसान से 04 क्विंटल व सर्वाधिक एक किसान से 194 क्विंटल धान की खरीदी किया जाना था व सभी किसानों से औसतन करीब 35 क्विंटल धान खरीदी किया जाना था । शासन के निर्देशानुसार इन किसानों के पास बिक्री हेतु धान शेष रहने का भौतिक सत्यापन अधिकृत अधिकारियों द्वारा किया जा प्रतिवेदन भी शासन को भेज दिया गया था पर टोकन जारी नहीं किया गया । शर्मा ने बतलाया है कि इनमें से 5 किसान ऐसे हैं जिन्हें पात्रतानुसार तीसरा टोकन मिलना था व शेष 12 किसान ऐसे थे जिन्हें दूसरा टोकन की आवश्यकता थी । ये ऐसे किसान थे जिनके पास 02 एकड़ तक की भूमि होने के कारण इन्हें मात्र एक टोकन की पात्रता थी पर इस टोकन के आनलाईन उपयोग करते समय त्रुटिवश धान की मात्रा कम अंकित हो गया था व शेष बचे धान बेचने इन्हें दूसरे टोकन की दरकार थी ।
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