परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद /छुरा : गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड में समाजसेवा की एक प्रेरणादायी मिसाल सामने आई है। जिले के सक्रिय समाजसेवी मनोज पटेल ने अपनी संवेदनशीलता और मानवीय सोच का परिचय देते हुए ग्राम पंचायत अमेठी की दिव्यांग महिला घसनिन बाई कंवर की जिंदगी को नई दिशा दी है। दोनों पैरों से दिव्यांग घसनिन बाई को बैटरी संचालित ट्राईसाइकिल दिलाकर उन्होंने न केवल उनकी दैनिक परेशानियों को कम किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम भी उपलब्ध कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घसनिन बाई कंवर लंबे समय से चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण रोजमर्रा के कार्यों और आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना कर रही थीं। बैटरी ट्राईसाइकिल के लिए उन्होंने कई बार संबंधित विभागों में आवेदन किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई। इसी दौरान उनकी मुलाकात समाजसेवी मनोज पटेल से हुई, जिनके समक्ष उन्होंने अपनी पीड़ा और समस्या को रखा।
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मामले की गंभीरता को समझते हुए मनोज पटेल ने बिना विलंब किए जनपद पंचायत छुरा के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बैटरी संचालित ट्राईसाइकिल की व्यवस्था करवाई। ट्राईसाइकिल मिलने के बाद घसनिन बाई कंवर के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब वे अपने छोटे-मोटे काम स्वयं कर पा रही हैं और उनके चेहरे पर आत्मविश्वास व खुशी साफ झलक रही है।इस अवसर पर घसनिन बाई कंवर ने मनोज पटेल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब मैं दूसरों पर निर्भर नहीं रहूँगी।”गौरतलब है कि समाजसेवी मनोज पटेल छत्तीसगढ़ शाकंभरी सेवा संस्थान के माध्यम से लगातार जरूरतमंदों, दिव्यांगों एवं गरीब वर्ग के लिए सेवा कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उनका यह मानवीय प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देता है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो एक व्यक्ति भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।मनोज पटेल के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है। समाज के विभिन्न वर्गों ने उनके इस सेवा भाव पर गर्व जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि उनके इस कदम से अन्य लोग भी समाजसेवा के लिए आगे आएंगे।
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