किरंदुल : विश्व की सबसे बड़ी श्रम संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने यह स्पष्ट रूप से घोषित किया है कि 12 फ़रवरी 2026 की आम हड़ताल में हमारे ट्रेड यूनियन की सहभागिता नहीं है। भारतीय मज़दूर संघ से संबद्ध एनएडीसी किरंदुल काम्प्लेक्स में संचालित खदान मजदूर संघ के पदाधिकारियों द्वारा इस बाबत बीआईओएम किरंदुल काम्प्लेक्स के अधिशासी निदेशक रबिन्द्र नारायण को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसकी प्रतिलिपि केंद्रीय इस्पात मंत्री, बस्तर सांसद, एनएमडीसी के सीएमडी, निदेशक (उत्पादन), कलेक्टर दंतेवाड़ा, पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ समादेशक केऔसुब, थाना प्रभारी किरंदुल को प्रेषित की गई है। विदित हो की राष्ट्रहित सर्वोपरि के ध्येय वाक्य के साथ उद्यम हित, श्रमिक हितों के लिए दृढ़ संकल्पित खदान मजदूर संघ शाखा किरंदुल के समस्त सदस्य 12 फरवरी को अपने कार्य पर सामान्य दिनों की भांति उपस्थिति देंगे। भारतीय मजदूर संघ प्रस्तावित आम हड़ताल का न तो समर्थन करता है और न ही उसमें भाग लेगा। यह हड़ताल कुछ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आह्वान की गई है, वह राजनीति से प्रेरित है।
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बीएमएस निरंतर यह पक्ष अपनाया है कि वह चारों श्रम संहिताओं का स्वागत करता है, किंतु उनमें से दो संहिताओं से संबंधित कुछ बिंदुओं पर अपनी आपत्तियाँ और चिंताएँ भी व्यक्त करता रहा है। बीएमएस ने स्पष्ट किया है कि वेतन संहिता तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता ऐतिहासिक और क्रांतिकारी हैं, जबकि शेष दो संहिताओं की कुछ धाराओं को लेकर चिंताएँ हैं। इन मुद्दों को 13 और 21 नवंबर को भारतीय मजदूर संघ एवं श्रम मंत्री के साथ हुई वार्ता में विस्तार से चर्चा के पश्चात श्रम मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार भारतीय मजदूर संघ द्वारा उठाए गए आपत्तियों पर उचित समाधान निकालेगी।
इसके अतिरिक्त, बीएमएस ने श्रम से संबंधित विभिन्न विषयों पर सरकार के समक्ष कई अन्य माँगें भी रखी हैं। श्रम मंत्री ने यह भी आश्वस्त किया है कि इन मुद्दों पर भी समुचित रूप से विचार कर समाधान किया जाएगा।इन आश्वासनों के आधार पर, बीएमएस ने चारों श्रम संहिताओं के क्रिर्यान्वयन से संबंधित अधिसूचनाओं का स्वागत किया है।
बीएमएस सरकार की सकारात्मक एवं श्रमिक-हितैषी पहलों का निरंतर समर्थन करता है तथा श्रमिकों के हितों के प्रतिकूल नीतियों का दृढ़तापूर्वक विरोध करते हुए उन पर अपनी आपत्तियाँ उठाता रहा है। बीएमएस राजनीतिक रूप से प्रेरित आंदोलनों में भाग नहीं लेता, क्योंकि श्रम क्षेत्र को राजनीतिक हितों से दूर रखा जाना चाहिए। इस अवसर पर खदान मजदूर संघ शाखा किरंदुल के अध्यक्ष बी दिल्ली राव, राजेंद्र यादव, दानेश्वर जोशी, सुरेश ठाकुर उपस्थित थे।
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