सड़क पर सतर्कता, आपके और हमारे जीवन की सुरक्षा,झगराखाण्ड में सड़क सुरक्षा माह का समापन

सड़क पर सतर्कता, आपके और हमारे जीवन की सुरक्षा,झगराखाण्ड में सड़क सुरक्षा माह का समापन

एमसीबी/झगराखाण्ड : जिला पुलिस एमसीबी के तत्वावधान में 37वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का जिला स्तरीय समापन समारोह नगर पंचायत झगराखाण्ड के अंबेडकर भवन में जागरूकता, सहभागिता और संकल्प के माहौल में आयोजित किया गया। यह अभियान 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक पूरे जिले में संचालित रहा। कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक श्री श्यामबिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

कार्यक्रम में जिला पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा माह के दौरान चलाए गए अभियानों, जांच कार्यवाहियों और जनजागरूकता गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। विभिन्न पोस्टर, प्रदर्शनी और संदेश सामग्री के माध्यम से भी यातायात नियमों का महत्व समझाया गया।

मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का विस्तृत संबोधन

मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल सरकारी आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे परिवारों का दर्द, बच्चों का भविष्य और घरों की खुशियां जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क पर लापरवाही का एक क्षण पूरे जीवन पर भारी पड़ सकता है, इसलिए यातायात नियमों का पालन किसी दंड के भय से नहीं बल्कि जीवन की रक्षा के संकल्प से होना चाहिए।

उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि तेज रफ्तार, स्टंट और बिना सुरक्षा साधनों के वाहन चलाना साहस नहीं, बल्कि गंभीर जोखिम है। हेलमेट, सीट बेल्ट और निर्धारित गति सीमा का पालन जीवन की सुरक्षा कवच है।मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा सीधे स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा विषय है — “दुर्घटना के बाद इलाज जरूरी है, लेकिन दुर्घटना की रोकथाम उससे भी बड़ा और सस्ता इलाज है।”

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न सौंपें और स्वयं भी नियमों का पालन कर उदाहरण प्रस्तुत करें। साथ ही उन्होंने पुलिस विभाग और प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी से ही सड़क सुरक्षा अभियान स्थायी परिणाम देता है।

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पुलिस अधीक्षक ने रखी अभियान की रिपोर्ट

पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।

जिले के 117 स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर 4 हजार से अधिक बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई

  1. रक्तदान शिविरों का आयोजन मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी में किया गया
  2. वाहनों की सघन जांच, फिटनेस परीक्षण और हेलमेट वितरण अभियान चलाया गया
  3. 140 ऑटो और टैक्सी वाहनों का सत्यापन किया गया
  4. 119 जनजागरूकता अभियान विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हुए
  5. चालानी कार्रवाई के अंतर्गत 544 प्रकरण दर्ज किए गए


उन्होंने कहा कि निरंतर जागरूकता और संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है, जो पुलिस और जनता के सहयोग का सकारात्मक संकेत है।

एसपी रत्ना सिंह ने भावुक स्वर में कहा कि दैनिक दुर्घटना रिपोर्ट देखना पीड़ादायक होता है क्योंकि अधिकांश हादसे नियमों की अनदेखी से होते हैं। उन्होंने बच्चों से की गई अपनी अपील का भी उल्लेख किया कि यदि घर का कोई सदस्य बिना हेलमेट वाहन लेकर निकले तो उसे रोकें और टोकें।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया सुरक्षा संदेश

समापन समारोह में स्कूली विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत, कविता, भाषण और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

माध्यमिक शाला झगराखाण्ड की छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुति दी वही प्राथमिक शाला स्टेशन पारा के छात्र ने नाटक, भाषण और कविता के जरिए नियम पालन का संदेश दिया
इन प्रस्तुतियों को उपस्थित जनसमुदाय ने सराहा।

जनप्रतिनिधियों ने भी किया आह्वान

नगरपालिका अध्यक्ष मनेन्द्रगढ़ प्रतिमा यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा की शिक्षा घर और स्कूल से शुरू होनी चाहिए।
नगर पंचायत अध्यक्ष झगराखाण्ड रीमा यादव ने नागरिकों से स्वयं नियमों का पालन कर उदाहरण बनने की अपील की। चिरमिरी महापौर रामनरेश राय ने तेज गति और लापरवाही को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया।नगर पंचायत अध्यक्ष नई लेदरी वीरेन्द्र सिंह राणा ने सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व अधिकारी रहे उपस्थित

समारोह में जिला पंचायत एमसीबी के उपाध्यक्ष राजेश साहू, 18वीं बटालियन के कमांडेंट संजय शर्मा, विभिन्न जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिले भर के थाना प्रभारी तथा पुलिस अमला उपस्थित रहा।

कार्यक्रम के अंत में यह सामूहिक संदेश दिया गया कि सुरक्षित सड़कें तभी संभव हैं जब हर नागरिक सतर्क, अनुशासित और जिम्मेदार बने।








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