राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कई मुद्दों पर अपने विचार रखे. इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि वीर सावरकर को भारत रत्न सम्मान दिया जाता है, तो इससे इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान की प्रतिष्ठा और बढ़ेगी.
वीर सावरकर को लेकर पहली खुले तौर पर संघ प्रमुख ने भारत रत्न देने की बात कही है. इससे पहले भी कई बार संघ कार्यकर्ताओं के अलावा कई नेताओं की तरफ से भारत रत्न की मांग की गई है. हालांकि उस पर संघ प्रमुख की तरफ से कोई बयान नहीं दिया गया. ये पहली बार है जब मोहन भागवत ने मंच से कहा कि अगर यह सम्मान वीर सावरकर को दिया जाता है. तो इससे सम्मान की और प्रतिष्ठा बढ़ेगी.
भारत अमेरिका डील पर क्या बोले भागवत?
भारतअमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भागवत ने उम्मीद जताई कि यह समझौता इस तरह किया गया है, जिससे भारत के हितों को कोई नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों का संरक्षण सर्वोपरि होना चाहिए.
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सभी वर्गों का रखा जाना चाहिए ध्यान- मोहन भागवत
आरएसएस के कामकाज पर बात करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि संघ के अच्छे दिन स्वयंसेवकों की कड़ी मेहनत और वैचारिक नीतियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का ही परिणाम हैं. उन्होंने स्वयंसेवकों के समर्पण की सराहना की.
समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इसे बनाते समय सभी वर्गों को विश्वास में लिया जाना चाहिए. उन्होंने जोर दिया कि इस प्रक्रिया से मतभेद नहीं बढ़ने चाहिए, बल्कि सामाजिक समरसता को मजबूत किया जाना चाहिए.
मुंबई में आयोजित हो रहा दो दिवसीय कार्यक्रम
मुंबई में संघ के 100 साल पूरे होने पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम के पहले दिन सलमान खान समेत कई मुस्लिम लोग शामिल हुए. हालांकि कार्यक्रम के दौरान ही मोहन भागवत ने कहा कि संघ का प्रमुख कोई भी बन सकता है. इसके लिए किसी जाति विशेष का होना जरूरी नहीं है. जो भी संघ का प्रमुख बनेगा वह हिंदू ही बनेगा.
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