बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुशासनहीनता और लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थिति रहने वाले एक आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने मंगलवार को आरक्षक राहुल शर्मा को 'सेवा से पृथक' करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने और कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित करने की दिशा में कड़ी कदम मानी जा रही है।
311 दिन से नहीं ज्वाइन की थी ड्यूटी
आरक्षक राहुल शर्मा दिनांक 5 अप्रैल 2025 से लगातार बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के अनधिकृत रूप से गैरहाजिर थे। पुलिस की जांच में पाया गया कि वे कुल 311 दिनों तक ड्यूटी पर अनुपस्थित रहे। विभागीय जांच के दौरान उन्हें बार-बार नोटिस जारी किए गए और जांच में उपस्थित होने का पर्याप्त अवसर दिया गया, लेकिन वे जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। इससे उनकी लापरवाही और अनुशासनहीनता साबित हुई।
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14 बार गैरहाजिर रहा पुलिसकर्मी
आरक्षक की सेवा पुस्तिका के अवलोकन से पता चला कि उनके पूरे सेवाकाल में कुल 14 बार कर्तव्य से गैरहाजिर रहने के मामले दर्ज हैं। यह बार-बार की अनुपस्थिति उनके चरित्र और कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने इस मामले में अब कार्रवाई की है।
2014 बैच की अधिकारी हैं भावना गुप्ता
भावना गुप्ता भारतीय पुलिस सेवा 2014 बैच की अधिकारी हैं। अप्रैल 2025 से बलौदाबाजार-भाटापारा की पुलिस अधीक्षक हैं। इससे पहले वे सूरजपुर, सरगुजा, बेमेतरा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में एसपी रह चुकी हैं। उनके नेतृत्व में जिले में अनुशासन और कानून-व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में पुलिस ने 'समाधान अभियान' के तहत 63 लाख रुपये के मोबाइल बरामद करने की कार्रवाई की थी।
विभाग ने कहा- कार्रवाई अनिवार्य है
यह बर्खास्तगी पुलिस विभाग में अनुशासन की मिसाल है। विभाग का कहना है कि कर्तव्य से गैरहाजिर रहना और जांच में सहयोग न करना गंभीर अनुशासन भंग है, जिस पर सख्त कार्रवाई अनिवार्य है।
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