किसान इस किस्म के कद्दू की कर लें खेती, घर बैठे बन जाएंगे धनवान

किसान इस किस्म के कद्दू की कर लें खेती, घर बैठे बन जाएंगे धनवान

वैसे तो फरवरी का महीना खेती-किसानी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस समय रबी की फसलें अंतिम चरण में होती हैं. जहां किसान अगली सब्जी लगाने की तैयारी में जुट जाते हैं. खासकर सब्जी उत्पादन करने वाले किसान इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि कौन सी किस्म का चयन किया जाए, जिससे उत्पादन भी अच्छा हो और बाजार में बेहतर कीमत भी मिले, जिससे उनका मुनाफा भी दोगुना हो जाए.

बता दें कि अक्सर जानकारी के अभाव में किसान पारंपरिक या कम उत्पादक किस्मों का चयन कर लेते हैं, जिसका असर सीधे उनकी आय पर पड़ता है. ऐसे में उन्नत और अनुसंधान आधारित बीजों का चयन करना बेहद जरूरी हो जाता है. यदि किसान समय पर बुवाई के साथ सही तकनीक अपनाएं तो उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ाए जा सकते हैं. इसी कड़ी में पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित एक खास कद्दू की किस्म किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है. आइये जानते हैं इसके बारे में.

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डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ‘राजेंद्र चमत्कार’ कद्दू की खेती फरवरी से मार्च के बीच आसानी से की जा सकती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. उदित कुमार के अनुसार यह किस्म अधिक उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है. इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 3 से 4 किलोग्राम बीज दर पर्याप्त मानी गई है. सही दूरी और संतुलित खाद प्रबंधन के साथ इसकी फसल 25 से 30 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देने में सक्षम है. इस किस्म के फलों का औसत वजन एक किलोग्राम से अधिक होता है, जिससे बाजार में इसकी मांग अच्छी रहती है. फल का आकार आकर्षक और रंग बेहतर होने के कारण व्यापारी भी इसे प्राथमिकता देते हैं. यही कारण है कि यह किस्म किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली साबित हो सकती है.

समय पर बुवाई से होगा बंपर उत्पादन

किसानों के लिए जरूरी है कि वे फरवरी-मार्च के अनुकूल मौसम का लाभ उठाते हुए समय पर बुवाई करें. खेत की अच्छी तैयारी, गोबर की सड़ी खाद का प्रयोग करें. इसके अलावा संतुलित उर्वरक प्रबंधन और समय-समय पर सिंचाई से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर होती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि किसान विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रमाणित बीज का उपयोग करें और अनुशंसित तकनीक अपनाएं तो उन्हें बेहतर पैदावार के साथ अधिक आय भी प्राप्त होगी.

वहीं, बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले कद्दू की मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में ‘राजेंद्र चमत्कार’ कद्दू की खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का सशक्त विकल्प बन सकती है. उचित जानकारी, वैज्ञानिक सलाह और सही समय पर बुवाई से यह किस्म सचमुच किसानों के लिए ‘चमत्कार’ साबित हो सकती है.

 










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