बिलासपुर : रेंज स्तर की समीक्षा बैठक में पुलिस व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और कठोर संकेत दिए गए। रामगोपाल गर्ग ने सोमवार को बिलासपुर में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और थाना प्रभारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक लेकर अपराध, कानून-व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और शहर की पुलिसिंग व्यवस्था का बारीकी से परीक्षण किया। बैठक में रजनेश सिंह सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाने-चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत औपचारिक परिचय से हुई, जिसके बाद जिले की अपराध स्थिति पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसके बाद आईजी ने नगर पुलिस अधीक्षकों से एक-एक कर उनके अनुविभागों—कोतवाली, सिविल लाइन, मस्तूरी, कोटा और अजाक—की स्थिति पर विस्तार से जानकारी ली। अपराधों की प्रकृति, संवेदनशील क्षेत्र, कानून-व्यवस्था की चुनौतियां और कार्रवाई की प्रगति पर सीधे सवाल पूछे गए। जहां जरूरी समझा गया, वहां संबंधित थाना प्रभारियों से भी तथ्यात्मक स्पष्टीकरण लिया गया।
वर्ष 2023 से पहले के लंबित मामलों पर विशेष फोकस करते हुए आईजी ने इन्हें प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उनका स्पष्ट कहना था कि पुराने प्रकरणों का बोझ पुलिस की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है, इसलिए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
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महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में सख्त रुख सामने आया। स्कूल-कॉलेज परिसरों के आसपास नियमित पेट्रोलिंग, ईव-टीजिंग और छेड़खानी की घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई तथा गुंडा प्रवृत्ति के तत्वों के खिलाफ कठोर वैधानिक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। जमानत पर छूटे आदतन अपराधियों के मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत निरस्तीकरण की पहल करने को कहा गया।
शहर में लागू नए बीट सिस्टम का प्रस्तुतीकरण भी बैठक का प्रमुख हिस्सा रहा। इस व्यवस्था की सराहना करते हुए आईजी ने निर्देश दिया कि वरिष्ठ स्तर से जारी आदेश अंतिम पंक्ति तक स्पष्ट रूप से पहुंचे और फील्ड में उसका असर दिखे। अपराधियों और संदिग्धों के फिंगरप्रिंट डाटाबेस को मजबूत करने तथा ऑनलाइन मिलान के जरिए अपराधों की पतासाजी तेज करने पर भी जोर दिया गया।
थानों में आने वाले फरियादियों के साथ व्यवहार को लेकर आईजी का संदेश स्पष्ट था—संवेदनशीलता के साथ सुनवाई हो और रिपोर्ट दर्ज करने में अनावश्यक विलंब कतई न हो। यातायात व्यवस्था, ध्वनि प्रदूषण और कोलाहल अधिनियम के उल्लंघन पर सख्ती बरतते हुए डीजे और शोर फैलाने वाले उपकरणों की जब्ती और न्यायालय में पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में गंभीर लंबित अपराधों की अलग से समीक्षा, रेंज साइबर थाना और एआईसीसीयू यूनिट की पृथक मॉनिटरिंग की बात कही गई। समापन संबोधन में यह दोहराया गया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
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