सुकमा : सुकमा जिले में कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला पंचायत सुकमा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान(आरजीएसए) योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों हेतु तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 18 फरवरी को जिला पंचायत संसाधन केंद्र, सुकमा में संपन्न हुआ।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुकमा एवं छिंदगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों की प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि, सुशासन की अवधारणा को सुदृढ़ करना तथा ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा। तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों एवं कर्तव्यों, पंचायत राज अधिनियम, पेसा नियम, एलएसजीडी विषय, पीएआई, ओएसआर, पंचायती राज व्यवस्था की भूमिका एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के प्रभावी संचालन, ग्राम सभा की शक्तियों, वित्तीय प्रबंधन, स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण एवं उनकी निगरानी संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस उप संचालक पंचायत रविशंकर वर्मा ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से संवाद करते हुए उन्हें ग्रामीण अंचल में शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण विकास की धुरी हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही सशक्त पंचायत एवं सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
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