सुकमा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के लिए आज का दिन एक नए भविष्य की शुरुआत लेकर आया। जिला प्रशासन की दूरदर्शी सोच और कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के तहत जिले के 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार हेतु चेन्नई के लिए रवाना हुए।लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर युवाओं के इस जत्थे को विदा किया गया, जहां उत्साह, आत्मविश्वास और सपनों की चमक साफ नजर आई।
एमओयू से खुला वैश्विक अवसरों का द्वार
जिला प्रशासन द्वारा निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज चेन्नई के साथ विशेष एमओयू किया गया है। इस साझेदारी ने उन स्थानीय युवाओं के लिए वैश्विक मंच तैयार किया है, जो अब तक अवसरों की कमी के कारण पीछे रह जाते थे।
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मुख्य बिंदु – एक नजर में
महिला सशक्तिकरण चयनित युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी, आत्मनिर्भर नारी की दिशा में बड़ा कदम।
आर्थिक मजबूती पहली बार जिले से बाहर रोजगार पाने का अवसर, जिससे युवाओं को स्थायी आय और आत्मसम्मान मिलेगा।
प्रशासनिक दूरदर्शिता कलेक्टर अमित कुमार ने स्वयं युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए रोजगार की दिशा में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की मजबूत नींव बताया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी।
कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम ही नहीं, बल्कि सुकमा के युवाओं के आत्मविश्वास की उड़ान है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का हर युवा हुनरमंद बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच मिले।
युवाओं की जुबानी – उम्मीद और गर्व
दूरस्थ अंचलों से आए युवाओं में इस अवसर को लेकर खासा उत्साह दिखा। ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा निवासी सोड़ी बसंती ने बताया कि मैं पहली बार घर से दूर जा रही हूं। अब मुझे रोजगार मिल गया है मैं काम करके अपने परिवार की आर्थिक मदद कर पाऊंगी। यह मेरे जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण है।बोरगुड़ा निवासी सोनिया नुप्पो ने बताया कि जिला प्रशासन की यह पहल बहुत सराहनीय है। हम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पूरे प्रशासन के आभारी हैं, जिन्होंने हमारे भविष्य के बारे में चिंता की।
भविष्य की दिशा
सुकमा जिला प्रशासन आने वाले समय में भी रोजगार मेलों, कौशल प्रशिक्षण और उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले सुकमा को अब “सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से भरे जिले” की नई पहचान दिला रही है। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर, लाइवलीहुड कालेज के प्रभारी अधिकारी कैलाश कश्यप और पत्रकारगण उपस्थित थे।
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