नई दिल्ली : देश के सभी 20 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (एम्स) में स्वीकृत 95 हजार से अधिक पदों में से 19,561 पद लंबे समय से रिक्त हैं।
इनमें फैकल्टी और नान फैकल्टी दोनों पद शामिल हैं।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों अनुसार सभी एम्स में 2356 फैकल्टी (शैक्षणिक) पद और 17,205 नान-फैकल्टी (गैर शैक्षणिक) पद रिक्त हैं।
देश के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बड़ी संख्या में फैकल्टी और नॉन फैकल्टी पदों का खाली होना स्वास्थ्य व मरीज सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अस्पताल प्रशासन पर व्यापक असर डाल रहा है। यह स्थिति बता रही है कि देश भर में एम्स की संख्या बढ़ने के साथ मानव संसाधन की पर्याप्त और समयबद्ध नियुक्ति अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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सभी एम्स संस्थानों में सबसे अधिक रिक्तियां एम्स, नई दिल्ली में हैं। यहां कुल 2988 पद खाली हैं, जिनमें 1306 के सापेक्ष 446 फैकल्टी और 13, 911 के सापेक्ष 2,542 नान-फैकल्टी पद रिक्त हैं। दिल्ली एम्स देश का प्रमुख रेफरल सेंटर है, जहां न केवल राजधानी बल्कि देशभर से गंभीर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
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