बिलासपुर: शहर में सराफा व्यवसायी से 17 फरवरी को हुए लूटकांड मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी शहर में कांट्रेक्ट किलिंग का ठेका लेकर आए थे। इसके अलावा तीन अन्य वारदातों को भी अंजाम देने का षड्यंत्र रचा था। इसमें होटल व्यवसायी से लूट की कोशिश, एक ज्वेलरी दुकान में सेंधमारी और व्यापारी व भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की हत्या की सुपारी लेकर आए थे। उसे शहर के एक बदमाश प्रवृत्ति के युवक ने इन सब कामों की सुपारी दी थी। 7 आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पूरे मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि 17 फरवरी को महालक्ष्मी ज्वेलर्स के व्यापारी संतोष तिवारी पर जानलेवा हमला कर लूटकांड की साजिश रची गई थी। पुलिस टीमों ने 24 घंटे में ही आरोपियों की शिनाख्त कर उत्तरप्रदेश पुलिस की मदद से उन्हें यूपी के मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लूट का शत प्रतिशत माल बरामद कर लिया था। आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट में बिलासपुर लाकर अदालत से रिमांड लेकर पूछताछ की गई, जिसमें चौकाने वाले खुलासे हुए।
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भाजपा के पार्षद और सब्जी के थोक व्यापारी बंधु मौर्य की हत्या की साजिश के लिए सबसे पहले आरोपी बिलासपुर आए थे। पूरी घटना के तार शहर के एक बदमाश युवक नारद श्रीवास से जुड़े हुए हैं। उसने सबसे पहले लूट कांड में शामिल एक आरोपी विनोद प्रजापति को फोन करके बिलासपुर बुलाया। विनोद प्रजापति को फोन कर नारद ने कहा कि एक लंबा काम है जिसके लिए मोटी रकम मिलेगी। विनोद श्रीवास बिलासपुर में अपने साथियों के साथ आया, जिसे नारद श्रीवास ने राजकिशोर नगर के होटल सेलिब्रेशन में रुकवाया। वहां नारद श्रीवास की बाहर से आये विनोद प्रजापति, विजय लाम्बा रिंकू, गगनदीप,आमिर से मिटिंग हुई।
नारद श्रीवास के साथ राजू सोनकर नामक व्यक्ति भी था। उसने बताया कि उसका विवाद दयालबंद निवासी भाजपा पार्षद बंधु मौर्य से चल रहा है। उसकी हत्या करवानी है,जिसके लिए वह 25 लाख रुपये खर्चा करेगा। राजू सोनकर ने बंधु मौर्य के घर परिवार व्यापार और आने जाने का समय और रास्ता भी बताया। हत्या के पहले 6 लाख रुपये एडवांस भी राजू सोनकर ने नारद श्रीवास को दिया था।
बिलासपुर आए आरोपियों को सेलिब्रेशन होटल के बाद रुकवाने के लिए तखतपुर और बिलासपुर के फार्म हाउस और होटल में राजू सोनकर ने व्यवस्था की। यह राजू सोनकर के पहचान वाले होटल और फार्म हाउस वाले थे, इसलिए उन्होंने बिना आईडी कार्ड के आरोपियों को कमरा उपलब्ध करवा दिया। नारद श्रीवास के लिए घटना कारित करने हेतु एक पिस्टल विनोद प्रजापति ने मंगवाई। बाकी आरोपियों के पास हथियार पहले से था।
आरोपियों को राजू सोनकर ने बताया था कि बंधु मौर्य का व्यापार अच्छा चल रहा है। उसके पास 5-10 लाख हमेशा रहते हैं और वह रोज सुबह अपने सब्जी के थोक काम के लिए त्रिपुरा स्थित सब्जी मंडी अपने घर से जाता है। आने जाने की रेकी करने के बाद 18 दिसंबर को नारद श्रीवाद समेत बाहर से आये, सभी आरोपियों ने बंधु मौर्य की हत्या और लूटपाट के लिए चोरी की बाइकों में पहुंच चांटीडीह कॉम्प्लेक्स के पास बंधु मौर्य की गाड़ी को पिस्तौल दिखाकर रुकवाने का प्रयास किया पर बंधु मौर्य गाड़ी नहीं रोक कर तेजी से कार चला कर भाग गया।
इसके बाद आरोपियों के बीच तय हुआ कि भाजपा पार्षद बंधु मौर्य का बाद में काम तमाम करना है। इसके अगले दिन नारद श्रीवास ने उन्हें राघवेंद्र राव सभा भवन के सामने स्थित संतोष भुवन होटल के पास बुलवाया और सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान को दिखाते हुए कहा कि यहां बहुत माल रहता है। रात को इस दुकान में सेंधमारी कर तिजोरी की ज्वैलरी चोरी करनी है। नारद श्रीवास ने बताया कि त्यौहार के समय ढोल, ताशा, बाजा की आवाज बहुत होती है, मैं गाना बजवा दूंगा तुम लोग सेंधमारी कर लेना। तब एक आरोपी विजय ने कहा कि त्यौहार में अभी समय है और हमारे पास तिजोरी काटने वाला कोई लड़का नहीं है, हम इतने लंबे समय तक नहीं रख सकते और सभी ने वापस जाने का प्लान किया।
नारद श्रीवास ने बाहर से आए आरोपियों को बताया कि तुम लोगों के आने–जाने का खर्चा निकल जाएगा। यही पास में लखीराम ऑडिटोरियम के सामने होटल वाला लखन देवांगन उर्फ नीटी समोसा वाला रहता है, जो बहुत सोना पहनता है और सवेरे 6:30 बजे के आसपास अपने घर सरकंडा से दुकान के लिए निकलता है। तब अगले दिन बीस दिसंबर को आरोपी विजय लाम्बा, गगनदीप, रिंकू और आमिर दो चोरी की बाइक में नीटी होटल वाले को चोरी की बाइकों से जाकर लूटने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए तब दोनों चोरी की मोटरसाइकिल को रेलवे स्टेशन बिलासपुर के पास छोड़कर ट्रेन से अनूपपुर आ गए, जहां से पुलिस ने गगनदीप को पकड़ लिया और बाकी सभी आरोपी भाग गए।
घटना के लिए राजकिशोर नगर के होटल में रुकने के दौरान सभी आरोपियों ने नारद श्रीवास के साथ मिलकर महालक्ष्मी ज्वेलर्स को लूट हेतु चिन्हांकित किया था। फरवरी माह में नारद श्रीवास ने विनोद उर्फ बिन्नू प्रजापति को फिर से फोन किया और महालक्ष्मी ज्वेलर्स वाले लूट तथा बंधु मौर्य की हत्या के लिए दोबारा बुलवाया। तब विनोद प्रजापति अपने साथी विजय लाम्बा, करीम खान,मोनू उर्फ राहुल को लेकर दिल्ली से अनूपपुर आया।। अनूपपुर से बस से बैठकर इरफान अली झलमला सीपत को प्लेन में शामिल कर उसकी स्कॉर्पियो वाहन से अंबिकापुर से बिलासपुर आए।
बिलासपुर आने से पहले आरोपियों ने मैनपाट से एक मोटरसाइकिल चोरी किया और बिलासपुर आने के बाद बंधु मौर्य और महालक्ष्मी ज्वेलर्स की रेकी किया। घटना के लिए चार पहिया गाड़ी की जरूरत होने पर अकलतरा से मारुति ईको गाड़ी चोरी किया। फिर महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक संतोष तिवारी के 17 फरवरी की रात 9:00 बजे दुकान बंद कर घर जाने के दौरान उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दिए। आरोपियों ने इको मारुति कार से अचानक संतोष तिवारी की गाड़ी को ठोकर मारी। संतोष तिवारी जब अपने कार से बाहर उतर कर देखें तब आरोपियों ने उन पर पिस्टल तानते हुए पिस्टल के बट और हथौड़ी से मारपीट कर उनकी कार में रखा सोना लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
संबंधित प्रकरणों का विवरण
गिरफ्तार आरोपी
बरामद संपत्ति
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