गेहूं-आलू नहीं ये खेती है वरदान, कम लागत और मेहनत न के बराबर

गेहूं-आलू नहीं ये खेती है वरदान, कम लागत और मेहनत न के बराबर

आज के समय में किसान ऐसी फसलों को तवज्जो दे रहे हैं, जो उन्हें कम समय में अच्छा मुनाफा देकर जाए. ऐसी ही एक फसल है चुकंदर. ये किसानों के लिए एक लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है. गर्मियों के मौसम में इसकी मांग बढ़ जाती है, क्योंकि लोग इसका सलाद, जूस और स्वास्थ्यवर्धक आहार के रूप में उपयोग करते हैं. चुकंदर की खेती का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम लागत है. इसमें बीज, खाद और सिंचाई पर अधिक खर्च नहीं आता, जबकि फसल जल्दी तैयार हो जाती है. वहीं, बाजार में बढ़ती मांग और बेहतर कीमत के कारण किसानों को चुकंदर की खेती से अच्छा मुनाफा हो रहा है.
चुकंदर की खेती के लिए दोमट व बलुई मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है. इसकी अच्छी पैदावार लेने के लिए जल निकासी वाली भूमि होनी चाहिए. वहीं बाराबंकी जिले के सहेलियां गांव के रहने वाले किसान राजेंद्र प्रसाद अन्य फसलों के साथ-साथ चुकंदर की खेती की शुरुआत की. इसमें उन्हें अच्छा फायदा देखने को मिला. आज वह करीब आधे एकड़ में चुकंदर की खेती कर एक फसल पर 70 से 80 हजार रुपए मुनाफा कमा रहे हैं.

मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

चुकंदर की खेती करने वाले किसान राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि वैसे तो हम गाजर, चुकंदर और टमाटर आदि फसलों की खेती करते हैं. इस समय आधे एकड़ में सिर्फ चुकंदर की खेती की हुई है. इसमें लागत की बात करें तो एक बीघे में 8 से 10 हजार रुपए आती है. वहीं, मुनाफा की बात करें तो एक फसल पर करीब 70 से 80 हज़ार रुपये तक हो जाता है. चुकंदर का इस्तेमाल सब्ज, जूस के अलावा और कई चीजों में किया जाता है. इसी वजह से इसकी मांग बाजारों में अधिक रहती है और इसका रेट भी अच्छा मिलता है. इस फसल की खास बात यह है कि कम लागत और कम समय में तैयार हो जाती है. ज्यादा देखरेख की जरूरत नहीं पड़ती. इसे जानवर भी नहीं खाते और यह फसल तैयार होने के बाद लगभग एक से डेढ़ महीने चलती है.

इसकी खेती करना काफी आसान है. पहले खेत की गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाया जाता है. फिर इसमें गोबर व अन्य खादों का छिड़काव कर खेत को समतल करके चुकंदर के बीजों की बुवाई की जाती है. वही जब इसका पौधा निकल आता है. उसके बाद इसकी सिंचाई करनी होती है. इस फसल की बुवाई करने के महज 45 से 50 दिन बाद फसल निकलना शुरू हो जाती है. जिसे बाजारों में बेच सकते हैं.








You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments