सुकमा :अपने मांगों को लेकर सैकड़ो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं के आंदोलन पर कांग्रेस पार्टी ने समर्थन देते सरकार पर महिलाओं का अपमान का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन स्थल पर पहुंचकर मुलाकात किया उनके आंदोलन को समर्थन दिया। साथ ही सरकार की तरफ से जल्द मांग पूरी नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन कर हर संभव सहयोग देना का भरोसा दिया। जिलेभर से सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरीश कवासी ने सरकार पर बरसते हुये कहा कि सत्ता के मद में निरंकुश हो चुकी भाजपा सरकार ने यह तुगलकी फरमान जारी कर नारी शक्ति का अपमान किया है। जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आंगनबाड़ियों की मांगों को पूरा कराने के लिए सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने का भी भरोसा दिया।
मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
इस हड़ताल के कारण कई आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लगा रहा, जिससे महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं के संचालन पर असर पड़ा है। प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हरीश कवासी से कहा कि वे सालों से शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।इनमें पोषण अभियान, टीकाकरण सहयोग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों की देखरेख और सर्वे कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उनका आरोप है कि नियमित कर्मचारियों की तरह कार्य लेने के बावजूद उन्हें न तो वेतनमान का लाभ मिलता है और न ही अन्य शासकीय सुविधाएं।कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान मानदेय महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है, जिससे परिवार का भरण- पोषण करना कठिन हो रहा है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन- प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
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