समीक्षा बैठक संपन्न : पिछड़ा वर्ग के सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन मिशन-मोड पर

समीक्षा बैठक संपन्न : पिछड़ा वर्ग के सशक्तिकरण के लिए जिला प्रशासन मिशन-मोड पर

सुकमा :  पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं की जमीनी समीक्षा छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष आर.एस. विश्वकर्मा ने सुकमा जिला कार्यालय में विभागीय योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हों। अध्यक्ष ने अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ पात्र हितग्राहियों तक सीधा लाभ पहुँचाने के कड़े निर्देश दिए।

आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बैठक में कृषि, पशुपालन और डेयरी गतिविधियों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। अध्यक्ष ने कौशल विकास विभाग और उद्योग विभाग को निर्देशित किया कि प्रशिक्षित युवाओं को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर मुख्यधारा से जुड़ सकें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्थायी स्रोत विकसित करने की रणनीति बनाई गई है।

मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है 

प्रशासनिक स्तर पर पेंशन, छात्रवृत्ति और स्वास्थ्य सेवाओं के समयबद्ध वितरण को अनिवार्य बताया गया है। अध्यक्ष विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया कि पात्र व्यक्तियों की पहचान और लाभ वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागों के बीच बेहतर समन्वय को ही उन्होंने योजनाओं की सफलता की कुंजी बताया। कलेक्टर अमित कुमार ने आयोग को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन मिशन-मोड में कार्य करते हुए अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुकमा में हुई यह पहल पिछड़ा वर्ग समुदाय के शैक्षणिक और सामाजिक स्तर में स्थायी सुधार लाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कृष्णा गुप्ता, बलदाऊ राम, यशवंत वर्मा, हरिशंकर यादव, श्रीमती शैलेंद्री परगनिहा, जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर सहित सभी जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।








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