आईएसबीएम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास एवं वैज्ञानिक चेतना के साथ संपन्न

आईएसबीएम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हर्षोल्लास एवं वैज्ञानिक चेतना के साथ संपन्न

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद :आईएसबीएम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विज्ञान संकाय एवं साइंस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में उत्साह, ऊर्जा और वैज्ञानिक जागरूकता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कशीलता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। आयोजन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों एवं संकाय सदस्यों द्वारा आयोजित जागरूकता रैली से हुई। रैली के माध्यम से समाज में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, अंधविश्वासों से मुक्ति और तर्कसंगत विचारधारा अपनाने का संदेश दिया गया। विश्वविद्यालय परिसर में निकाली गई इस रैली ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्व को रेखांकित किया।कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विज्ञान अधिष्ठाता डॉ. पी. विश्वनाथन के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विज्ञान की उपलब्धियों, खोजों और नवाचारों को सम्मानित करने का अवसर है। विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है और राष्ट्र की प्रगति का आधार भी है।

विभागाध्यक्ष (विज्ञान) डॉ. पूनम वर्मा ने विद्यार्थियों को नई चीज़ें सीखने, प्रयोगधर्मिता अपनाने और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आईक्यूएसी निदेशक एवं अकादमी अधिष्ठाता प्रो. एन. के. स्वामी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और नवाचार की दिशा में सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शुभाशीष बिस्वास ने प्रतिभागियों को आत्मविश्वास के साथ गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, वहीं कुलसचिव डॉ. बी. पी. भोळ ने प्रयोग, अनुसंधान और रचनात्मक समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
माननीय कुलपति प्रो. आनंद महालवार ने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं नवाचार में रुचि विकसित करने, सृजनात्मक सोच अपनाने तथा समय के प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से सफलता प्राप्त करने का संदेश दिया।

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कार्यक्रम का विशेष आकर्षण भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) पर आधारित प्रदर्शनी एवं रोल प्ले रहा। विद्यार्थियों ने सुश्रुत, नागार्जुन, वराहमिहिर, चरक, मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया तथा कौटिल्य की भूमिका निभाकर भारतीय वैज्ञानिक विरासत को जीवंत किया।दिशांत साहू द्वारा C. V. Raman के ‘Raman Effect’ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को विज्ञान की प्रयोगात्मक शक्ति से परिचित कराया।
सभी विभागों द्वारा प्रस्तुत रंगोली प्रदर्शनी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। प्राणीशास्त्र, गणित, भौतिकी, कंप्यूटर, फार्मेसी एवं फॉरेंसिक साइंस विभाग की टीमों ने वैज्ञानिक अवधारणाओं को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।नोबेल पुरस्कार विजेताओं पर आधारित रोल प्ले में विद्यार्थियों ने Albert Einstein और Charles Babbage सहित अन्य महान वैज्ञानिकों के व्यक्तित्व एवं योगदान को मंच पर साकार किया। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति प्रेरणा और सम्मान की भावना और भी प्रबल हुई।

कार्यक्रम के अंतर्गत साइंस जिंगल, साइंस मैजिक शो, “मिथक बनाम तथ्य” प्रस्तुति, “गेस द आइटम” एवं “गेस द साइंटिस्ट” जैसी रोचक गतिविधियों ने आयोजन को जीवंत और ज्ञानवर्धक बना दिया।
समापन अवसर पर भौतिकी विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री रेखा साहू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के योगदान की सराहना की।
इस प्रकार आईएसबीएम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस न केवल उत्सव के रूप में, बल्कि वैज्ञानिक चेतना, नवाचार और अनुसंधान के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।








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